उत्तर प्रदेश

विश्वकर्मा जयंती पर योगी सरकार का बड़ा कदम, ‘विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026’ का शुभारंभ

लखनऊ। भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 17 सितंबर 2026 को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में ‘विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026’ का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के तहत प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के साथ मार्जिन मनी ऋण पोर्टल भी लॉन्च किया। इस मौके पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और टूलकिट वितरित किए गए।

कार्यक्रम का मुख्य फोकस प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों, दस्तकारों और तकनीकी कार्यों से जुड़े श्रमिकों को प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर रहा। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 में कुल 25 ट्रेड शामिल किए गए हैं, जिनमें पारंपरिक व्यवसायों के साथ मोबाइल रिपेयर, इलेक्ट्रॉनिक गुड्स रिपेयर, इलेक्ट्रिकल गुड्स रिपेयर, प्लंबर, कंप्यूटर रिपेयर, सोलर इंस्टॉलेशन और डिजिटल फोटोग्राफी जैसे आधुनिक कार्य भी शामिल हैं।

 

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पारंपरिक कारीगरों की भूमिका और उनके हुनर को अर्थव्यवस्था से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास श्रमिकों को केवल रोजगार तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्यमी बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है। अपने भाषण के दौरान योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों पर भी राजनीतिक टिप्पणी की और कहा कि पहले स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और कारीगरों के हितों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

कार्यक्रम में बताया गया कि योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 10 दिन तक निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण देने के साथ बेहतर गुणवत्ता वाले उपकरण उपलब्ध कराने और उनके उत्पादों को बाजार तथा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। योजना के आधिकारिक विवरण के अनुसार इसका उद्देश्य पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक, वित्तीय सहायता और बाजार के अवसरों से जोड़ना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता के चेक और टूलकिट भी प्रदान किए। कार्यक्रम में कॉरपोरेट प्रशिक्षण संस्थानों के साथ समझौते किए जाने की जानकारी भी सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार, लखनऊ सहित विभिन्न जिलों के लाभार्थियों को वित्तीय सहायता के चेक वितरित किए गए।

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित यह मेला 17 से 19 सितंबर 2026 तक चल रहा है, जिसमें कारीगरों और उनके उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न स्टॉल लगाए गए हैं।

कुल मिलाकर, विश्वकर्मा जयंती पर शुरू किए गए इस कार्यक्रम के जरिए सरकार ने पारंपरिक कारीगरी, कौशल विकास, स्वरोजगार और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपनी नीति को रेखांकित किया है।

 

Related Articles

Back to top button