जेवर पहुंचे स्विस राष्ट्रपति, यूपी की ग्लोबल कनेक्टिविटी को मिला नया आयाम!

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया निरीक्षण, एविएशन के साथ आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स और निवेश सहयोग पर बढ़ी उम्मीदें।
उत्तर प्रदेश में ग्लोबल कनेक्टिविटी और निवेश को लेकर चल रहे प्रयासों के बीच मंगलवार को जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक अहम अंतरराष्ट्रीय दौरा हुआ। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय बर्नार्ड पारमेलिन करीब 65 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे और यहां विकसित की जा रही आधुनिक सुविधाओं का जायजा लिया। राष्ट्रपति का यह दौरा भारत और स्विट्जरलैंड के बीच बढ़ते आर्थिक और तकनीकी सहयोग के बीच हुआ है।
यूपी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया स्वागत।
एयरपोर्ट पहुंचने पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, नागरिक उड्डयन विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं आईआईडीसी दीपक कुमार तथा इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद ने स्विस राष्ट्रपति और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल को उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास से जुड़ी संभावनाओं की जानकारी भी दी गई।

स्विस कंपनी की सहायक कंपनी कर रही एयरपोर्ट का विकास।
जेवर एयरपोर्ट का विकास यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जो स्विट्जरलैंड की ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। यही वजह है कि स्विस राष्ट्रपति का इस एयरपोर्ट का निरीक्षण भारत और स्विट्जरलैंड के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी सहयोग के लिहाज से खास महत्व रखता है।
टर्मिनल से एटीसी टॉवर तक सुविधाओं का जायजा।
दौरे के दौरान एयरपोर्ट से संबंधित प्रस्तुति के जरिए राष्ट्रपति और प्रतिनिधिमंडल को परियोजना की जानकारी दी गई। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने एयरपोर्ट की विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण किया। राष्ट्रपति पारमेलिन, उनकी पत्नी और चयनित अधिकारियों ने एयरसाइड तथा एटीसी टॉवर का दौरा किया, जबकि प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों ने टर्मिनल, सुरक्षा क्षेत्र, बोर्डिंग गेट्स, एप्रन और बैगेज रिक्लेम समेत अन्य व्यवस्थाओं को देखा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने जून 2026 में वाणिज्यिक यात्री संचालन शुरू किया था और इसके बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की तैयारी भी आगे बढ़ाई जा रही है।
आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में सहयोग की संभावनाएं।
स्विस प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ अधिकारी और कारोबारी प्रतिनिधि भी शामिल रहे। ऐसे में राष्ट्रपति का जेवर दौरा केवल एयरपोर्ट निरीक्षण तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे दोनों देशों के बीच निवेश, तकनीक और औद्योगिक सहयोग की व्यापक संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। भारत और स्विट्जरलैंड के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान, तकनीक और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग पहले से मौजूद है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी स्विस राष्ट्रपति के भारत दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के विस्तार की संभावनाओं पर जोर दिया था। ऐसे में जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की ग्लोबल कनेक्टिविटी के साथ-साथ भविष्य में निवेश और तकनीकी साझेदारी के लिए भी एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में सामने आ रहा है।



