‘मेरी कटोरी, मेरा पोषण’ से 4.5 लाख तक पहुंचा संदेश, यूपी सरकार का डिजिटल पोषण अभियान।
बाल पोषण पर योगी सरकार का फोकस, ‘मेरी कटोरी, मेरा पोषण’ से घर-घर जागरूकता।
‘मेरी कटोरी, मेरा पोषण’ से 4.5 लाख तक पहुंचा संदेश, योगी सरकार का बाल पोषण पर डिजिटल फोकस।

उत्तर प्रदेश सरकार ने बच्चों के बेहतर पोषण और स्वस्थ विकास को लेकर जन-जागरूकता अभियान को डिजिटल माध्यम से व्यापक स्तर तक पहुंचाने की पहल की है। 9वें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के तहत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से राज्य स्तरीय पोषण पाठशाला का आयोजन किया गया। ‘मेरी कटोरी, मेरा पोषण’ संदेश के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने ऑनलाइन माध्यम से हिस्सा लिया।
1,03,467 डिवाइस से जुड़ी पोषण पाठशाला।
विभाग के अनुसार, राज्य स्तरीय पोषण पाठशाला के लाइव वेबकास्ट में प्रदेशभर से 1,03,467 डिवाइस के माध्यम से प्रतिभागियों ने सहभागिता की। एक डिवाइस से एक से अधिक लोगों के जुड़ने के कारण विभाग का अनुमान है कि पोषण संबंधी संदेश करीब 4.5 लाख लाभार्थियों और प्रतिभागियों तक पहुंचा। कार्यक्रम को एनआईसी के माध्यम से लाइव प्रसारित किया गया।

यह पहल सरकार की ओर से पारंपरिक आंगनवाड़ी नेटवर्क के साथ डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल के जरिए पोषण संबंधी जानकारी को अधिक लोगों तक पहुंचाने की कोशिश के तौर पर सामने आई है। प्रदेश में पोषण अभियान के तहत बाल पोषण और कुपोषण की रोकथाम से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
छह महीने के बाद ऊपरी आहार पर जोर।
पोषण पाठशाला का मुख्य फोकस बच्चों की छह माह की आयु पूरी होने के बाद ऊपरी आहार की शुरुआत को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम में अभिभावकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय को बताया गया कि छह माह के बाद बच्चे के आहार में उचित और पौष्टिक ऊपरी आहार शामिल करना उसके विकास के लिए महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में ऊपरी आहार की जरूरत, सही समय पर इसकी शुरुआत और बाल विकास में इसकी भूमिका से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की गई। इसका उद्देश्य अभिभावकों को बच्चों के भोजन को लेकर वैज्ञानिक और उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
पोषण संबंधी वीडियो ऑनलाइन उपलब्ध।
राज्य स्तरीय पोषण पाठशाला में ऊपरी आहार और बाल पोषण से संबंधित वीडियो भी जारी किए गए। विभाग के अनुसार, इन वीडियो को उसके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध कराया गया है। इससे अभिभावक और आमजन अपनी सुविधा के अनुसार पोषण संबंधी जानकारी देख सकते हैं और इसे अन्य लोगों तक भी पहुंचा सकते हैं।

अपर मुख्य सचिव ने सही ऊपरी आहार को बताया जरूरी।
अपर मुख्य सचिव, महिला कल्याण एवं बाल विकास लीना जौहरी ने कहा कि छह माह की आयु पूरी होने के बाद बच्चों को सही समय पर उचित और पौष्टिक ऊपरी आहार देना उनके स्वस्थ विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि ‘मेरी कटोरी, मेरा पोषण’ जैसे संदेशों के माध्यम से अभिभावकों और समुदाय को बाल पोषण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में उपनिदेशक आईसीडीएस अनुपमा शांडिल्य, सुरेश कुमार पाल, यूनिसेफ के पोषण विशेषज्ञ डॉ. रवि नारायण परही, यूपी टीएसयू की डॉ. वंदना नायडू और डॉ. आनंद तथा पोषण अभियान के संयुक्त परियोजना समन्वयक अभिषेक दुबे समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। इस पहल के जरिए सरकार ने बाल पोषण से जुड़ी जानकारी को डिजिटल माध्यम से व्यापक स्तर पर पहुंचाने और परिवारों को बच्चों के शुरुआती विकास में उचित आहार के महत्व के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया है।



