उत्तर प्रदेश

यूपी से BJP के सभी 8 प्रत्याशी राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित, सीएम योगी ने दी बधाई।

मुख्यमंत्री ने जताया भरोसा, कहा ‘विकसित भारत’ के संकल्प और राष्ट्र की प्रगति को गति देने में निभाएंगे अहम भूमिका।

लखनऊ, 9 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश से राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव-2026 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सभी आठ प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि सभी सदस्य संसद के उच्च सदन में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए देश की प्रगति और विकास से जुड़े प्रयासों में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

बीजेपी ने उत्तर प्रदेश से धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, रामप्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सभी आठों प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। उनके निर्विरोध निर्वाचन के बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें बधाई देते हुए उनके आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में योगदान की उम्मीद।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया कि नवनिर्वाचित सदस्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि ये सदस्य राष्ट्र की प्रगति को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। मुख्यमंत्री की ओर से जारी संदेश में राष्ट्रीय विकास के लक्ष्यों को पूरा करने और देश की उन्नति में योगदान देने पर जोर दिया गया।

राज्यसभा को संसद का उच्च सदन कहा जाता है, जहां राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य विधायी प्रक्रिया में भाग लेते हैं। ऐसे में नवनिर्वाचित सदस्यों से अपेक्षा होगी कि वे सदन की कार्यवाही में सक्रिय भूमिका निभाएं और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर अपने विचार रखें।

उच्च सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील।
मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित सदस्यों से राज्यसभा की गरिमा को और मजबूत करने की उम्मीद भी जताई। उन्होंने सभी सदस्यों के उज्ज्वल कार्यकाल की कामना करते हुए उन्हें अपनी नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं।

आठों प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन उत्तर प्रदेश की राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। निर्विरोध निर्वाचन का अर्थ है कि संबंधित सीटों पर मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी। हालांकि, इस घटनाक्रम के राजनीतिक निहितार्थों का आकलन राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों और दलों की आगे की रणनीतियों के संदर्भ में किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री की बधाई के साथ अब नवनिर्वाचित सदस्यों के सामने संसद के उच्च सदन में अपनी भूमिका निभाने की जिम्मेदारी होगी। उनकी भागीदारी विधायी चर्चा, नीतिगत विषयों और राष्ट्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहने की अपेक्षा है।

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