रामनाथ कोविन्द बोले- योगी सरकार ने यूपी में विकास को दी नई गति।
लोकभवन में रामनाथ कोविन्द की आत्मकथा का विमोचन, योगी सरकार की सराहना।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों और सुशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान दिया गया है। एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और मेट्रो जैसी सुविधाओं के विकास से प्रदेश में आवागमन आसान हुआ है। उन्होंने उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प की भी प्रशंसा की।
पूर्व राष्ट्रपति बुधवार को लखनऊ स्थित लोकभवन सभागार में अपनी आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा किए और उत्तर प्रदेश से अपने गहरे जुड़ाव का उल्लेख किया।
भाजपा में राष्ट्रसेवा को बताया राजनीति का उद्देश्य।
रामनाथ कोविन्द ने कहा कि राजनीति में आने के लिए भारतीय जनता पार्टी को चुनने के पीछे राष्ट्र सर्वोपरि की भावना प्रमुख कारण रही। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि साधारण परिवार से आने वाला व्यक्ति भी अपनी मेहनत और योग्यता के बल पर देश के सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय लोकतंत्र में सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियां किसी व्यक्ति की संभावनाओं को पूरी तरह सीमित नहीं करतीं। उनके अनुसार, राजनीति का उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि राष्ट्र की सेवा करना होना चाहिए।
गरीबों को पक्के मकान मिलने पर जताई खुशी।
पूर्व राष्ट्रपति ने अपने बचपन की यादें साझा करते हुए बताया कि कानपुर देहात स्थित उनके गांव में उनका परिवार एक साधारण घर में रहता था। बरसात के दौरान घर की छत टपकती थी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद भी उन्हें उन परिवारों की चिंता रहती थी, जो अभावों में जीवन बिताते हैं। रामनाथ कोविन्द ने कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की आवास योजनाओं से करोड़ों गरीब परिवारों को पक्के मकान मिलने से उन्हें सुरक्षा और सम्मान का एहसास हुआ है। उन्होंने शिक्षा को जीवन बदलने का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए अपने पिता से मिले संस्कारों का भी जिक्र किया।
महाकुंभ और उत्तर प्रदेश की पहचान का किया उल्लेख।

रामनाथ कोविन्द ने प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ-2025 का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन ने भारत की आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक समरसता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश से राष्ट्रपति बनने को प्रदेश के करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा सम्मान बताया। पूर्व राष्ट्रपति ने यह भी जानकारी दी कि उनकी आत्मकथा को आने वाले समय में देश की विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में प्रकाशित करने की योजना है।
विकास और सुशासन पर रहा जोर।
समारोह में रामनाथ कोविन्द के संबोधन का प्रमुख केंद्र उत्तर प्रदेश का विकास, लोकतांत्रिक अवसरों का विस्तार और समाज के कमजोर वर्गों का उत्थान रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे विकास कार्यों की प्रशंसा करते हुए प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के प्रयासों का समर्थन किया।



