नवरात्र में महिलाओं की उद्यमिता को बढ़ावा, वाराणसी में पूजा कॉम्बो पैक से स्वरोजगार की पहल।
योगी सरकार के प्रेरणा मार्ट बने महिला उद्यमियों का सहारा, 65 केंद्रों से बिक रहे स्थानीय उत्पाद।
उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके हुनर को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में स्वयं सहायता समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर वाराणसी के हरहुआ ब्लॉक स्थित मुर्दहा गांव की माहेश्वरी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पूजा सामग्री के कॉम्बो पैक तैयार कर रही हैं। मां दुर्गा की चुनरी, रोली, चंदन, सिंदूर, अक्षत, धूप, कपूर, कलावा और हवन सामग्री से तैयार ये पैक श्रद्धालुओं के लिए पूजा की तैयारी आसान बना रहे हैं। वहीं, इस पहल से जुड़ी महिलाएं त्योहारों की बढ़ती मांग को आमदनी और स्वरोजगार के अवसर में बदलने का प्रयास कर रही हैं।
नवरात्रि की मांग को महिलाओं ने बनाया रोजगार का अवसर।

मुर्दहा गांव की निहारिका देवी, सीमा देवी और समूह की अन्य महिलाएं मिलकर पूजा कॉम्बो पैक तैयार करती हैं। कोई पूजा सामग्री को व्यवस्थित करती है, तो कोई आवश्यक वस्तुओं को तौलकर पैकिंग का काम संभालती है। इस सामूहिक प्रयास से महिलाओं को अपने पारंपरिक कौशल का इस्तेमाल करते हुए कमाई के अवसर तलाशने में मदद मिल रही है। नवरात्रि जैसे त्योहारों पर पूजा सामग्री की मांग बढ़ जाती है। समूह की महिलाओं ने इसी मांग को ध्यान में रखते हुए एक पैक में पूजा की जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने की पहल की है। इससे ग्राहकों को कई वस्तुएं एक साथ मिलती हैं और महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री का अवसर मिलता है।
वाराणसी में 65 प्रेरणा मार्ट से मिल रहा बाजार।
महिलाओं के उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाने में प्रेरणा मार्ट की अहम भूमिका बताई जा रही है। ये मार्ट स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध कराते हैं। उपायुक्त (स्व रोजगार) पवन कुमार सिंह के अनुसार, वाराणसी के आठ ब्लॉकों में आठ-आठ प्रेरणा मार्ट संचालित हैं। इसके अलावा जिला मुख्यालय पर एक अन्य मार्ट है। इस तरह जिले में कुल 65 प्रेरणा मार्ट संचालित किए जा रहे हैं।

योगी सरकार की ग्रामीण आजीविका और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी पहल के तहत इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को उत्पाद तैयार करने के साथ उनकी बिक्री और विपणन से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
घर की चौखट से कारोबार तक पहुंच रहीं महिलाएं।
ब्लॉक मिशन मैनेजर पूजा तिवारी के मुताबिक, प्रेरणा मार्ट महिलाओं को उत्पादक से उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दे रहे हैं। समूह के साथ काम करने से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे अपने उत्पादों की पहचान बनाने का प्रयास कर रही हैं।माहेश्वरी स्वयं सहायता समूह की निहारिका देवी का कहना है कि नवरात्रि में उनके बनाए पूजा पैक प्रेरणा मार्ट के माध्यम से लोगों तक पहुंच रहे हैं। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान देने का अवसर मिल रहा है। वहीं, सीमा देवी के अनुसार, स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें घर के कामकाज के अलावा कुछ नया करने का अवसर मिला है।
महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर।
पवन कुमार सिंह ने कहा कि नवरात्रि जैसे त्योहारों पर पूजा सामग्री के कॉम्बो पैक तैयार करना महिलाओं की आमदनी बढ़ाने का अवसर है। इससे उनके पारंपरिक कौशल को बाजार मिलता है और सामूहिक रूप से काम करने की भावना मजबूत होती है।

वाराणसी की यह पहल दर्शाती है कि स्थानीय मांग, समूह आधारित काम और बाजार तक पहुंच ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका के नए रास्ते खोल सकते हैं। हालांकि, आय में वास्तविक वृद्धि उत्पादों की बिक्री, लागत और बाजार की मांग पर निर्भर करेगी।



