उत्तर प्रदेश

‘नेहरू ही नहीं, मसुरियादीन पासी भी गए थे जेल’, CM योगी का राहुल गांधी को जवाब।

9 साल जेल में रहे मसुरियादीन पासी, प्रतिमा अनावरण के दौरान CM योगी ने याद किया योगदान।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए केवल पंडित जवाहरलाल नेहरू ही जेल नहीं गए थे, बल्कि मसुरियादीन पासी जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने भी जेल में रहकर संघर्ष किया था। मुख्यमंत्री के मुताबिक, मसुरियादीन ने 1932 से 1944 के बीच नौ वर्ष जेल में बिताए और स्वतंत्रता आंदोलन में अहम भूमिका निभाई।

तेलियरगंज स्थित महाशय मसुरियादीन स्मारक इंटर कॉलेज और टीवी कॉलोनी चौराहे के पास आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के लिए योगदान देने वाले कई महापुरुषों को इतिहास में अपेक्षित पहचान नहीं मिली। ऐसे व्यक्तित्वों की स्मृतियों को सहेजना और नई पीढ़ी को उनके संघर्ष से परिचित कराना जरूरी है।

नेहरू के साथ संसद पहुंचे थे मसुरियादीन पासी।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मसुरियादीन पासी ने स्वतंत्रता आंदोलन के साथ-साथ समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए भी संघर्ष किया। उनके अनुसार, मसुरियादीन वर्ष 1946 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने और 1952 से 1972 के बीच चार बार लोकसभा के लिए चुने गए। मुख्यमंत्री ने वर्ष 1952 के चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय एक निर्वाचन क्षेत्र से दो सांसद चुने जाते थे और पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ मसुरियादीन पासी भी संसद पहुंचे थे।

योगी ने कहा कि महापुरुषों का सम्मान किसी एक परिवार की विरासत नहीं है। समाज और राष्ट्र के लिए योगदान देने वाले सभी व्यक्तित्वों को उचित सम्मान मिलना चाहिए, विशेषकर उन लोगों को जिन्होंने वंचितों और दलितों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई।

जरायम पेशा कानून के खिलाफ संघर्ष का किया जिक्र।

मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश शासन के दौरान वर्ष 1871 में बनाए गए जरायम पेशा कानून का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत कई समुदायों को अपराधी श्रेणी में रखकर उनके साथ भेदभाव किया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, मसुरियादीन पासी और डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इस कानून के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि ऐसे संघर्षों को याद रखना सामाजिक सम्मान और समानता की दिशा में महत्वपूर्ण है।

चौराहे और प्रमुख संस्था का नाम मसुरियादीन के नाम पर रखने की घोषणा।

मुख्यमंत्री योगी ने महापौर गणेश केसरवानी से प्रतिमा स्थल के चौराहे का नाम महाशय मसुरियादीन पासी के नाम पर रखने का प्रस्ताव भेजने को कहा। उन्होंने प्रयागराज की एक प्रमुख संस्था का नाम भी उनके नाम पर रखने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मसुरियादीन की पुत्री कमला कुमारी और पौत्र सचिन कुमार को उनके सम्मान की रक्षा का भरोसा दिलाया।

बिजली पासी और वीरांगना ऊदा देवी को भी किया याद।

मुख्यमंत्री ने महाराजा बिजली पासी के किले के पुनरुद्धार और वीरांगना ऊदा देवी पासी के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार लखनऊ में महिला पीएसी बटालियन का नाम वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर रख रही है और उनकी अश्वारोही प्रतिमा स्थापित की जा रही है। समारोह में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, सांसद प्रवीण पटेल, महापौर गणेश केसरवानी सहित कई जनप्रतिनिधि और मसुरियादीन पासी के परिवार के सदस्य मौजूद रहे।

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