यूपी की मंडियों में चलेगा 15 दिवसीय सफाई अभियान, किसानों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
लखनऊ, 10 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कृषि उत्पादन मंडियों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने और किसानों को सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए विशेष पहल की है। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने अक्टूबर 2026 में प्रदेश की सभी मंडियों और उपमंडी स्थलों पर ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026’ चलाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान के तहत मंडी परिसरों में साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण, नालियों की सफाई, जल निकासी और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर प्रस्तावित इस अभियान का उद्देश्य मंडियों में स्वच्छता के स्तर को सुधारना और किसानों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना है। सरकार की इस पहल को कृषि विपणन व्यवस्था में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
मंडी परिसरों की सफाई पर रहेगा विशेष जोर
अभियान के दौरान मंडी समितियों के अनुबंधित सफाई ठेकेदारों को पर्याप्त सफाई कर्मियों की तैनाती कर व्यापक स्तर पर सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। मंडियों में जमा कूड़े-कचरे को हटाने के साथ बंद नालियों और जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर उनकी सफाई कराई जाएगी।
इसके अलावा, नीलामी चबूतरों, दुकानों, मंडी परिसर के विभिन्न हिस्सों और आसपास की संरचनाओं को स्वच्छ रखने पर भी जोर दिया गया है। जहां नमी के कारण गंदगी या जलभराव की समस्या बनी रहती है, वहां सफाई के बाद निर्धारित निर्देशों के अनुसार चूना पाउडर अथवा गैमक्सीन का छिड़काव कराया जाएगा।
धान की आवक के मद्देनजर यातायात व्यवस्था सुधारने की तैयारी
अक्टूबर माह में धान और अन्य कृषि उत्पादों की आवक बढ़ने के साथ त्योहारों के दौरान मंडियों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए परिवहन और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य मंडियों में कृषि उपज की आवाजाही को व्यवस्थित करना और किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाना है।
शौचालयों और किसान विश्राम गृहों पर भी ध्यान
अभियान में मंडियों के शौचालयों, प्रसाधनों और यूरिनल की सफाई के साथ पर्याप्त जलापूर्ति और जल निकासी सुनिश्चित करने को कहा गया है। कार्यालय भवनों और किसान विश्राम गृहों की साफ-सफाई तथा आवश्यक साज-सज्जा भी कराई जाएगी, ताकि मंडियों में आने वाले किसानों को बेहतर वातावरण मिल सके।
इसके अतिरिक्त, निर्माण और मरम्मत कार्यों वाले स्थानों को चिह्नित कर काम पूरा होने के बाद बची अनुपयोगी सामग्री और मलबे को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वच्छता के साथ व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर
‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026’ के जरिए प्रदेश की कृषि उत्पादन मंडियों में स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की योजना है। अभियान की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निर्देशों का पालन कितनी नियमितता से होता है और सफाई व्यवस्था को अभियान के बाद भी किस तरह बनाए रखा जाता है। इससे किसानों और व्यापारियों को स्वच्छ एवं व्यवस्थित मंडी परिसर उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।



