यूपी में बाढ़ से बचाव के लिए योगी सरकार के 1,549 प्रोजेक्ट पूरे, 2.21 करोड़ लोगों को लाभ मिलने का दावा
लखनऊ, 10 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में बाढ़ के खतरे को कम करने और कृषि भूमि व आबादी को सुरक्षित रखने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने बाढ़ सुरक्षा और जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों पर जोर दिया है। राज्य सरकार के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक अब तक बाढ़ सुरक्षा की 1,549 परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को सुरक्षा प्रदान करने और 2.21 करोड़ से ज्यादा लोगों को लाभ पहुंचाने का दावा किया गया है। इन कार्यों का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खेती-किसानी, ग्रामीण बस्तियों और स्थानीय जनजीवन पर पड़ने वाले नुकसान के जोखिम को कम करना है।
25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि के संरक्षण का दावा
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुताबिक, प्रदेश में बाढ़ से बचाव के लिए विभिन्न परियोजनाओं के जरिए कृषि भूमि और आबादी की सुरक्षा पर काम किया गया है। बाढ़ के कारण खेतों में खड़ी फसलों, उपजाऊ मिट्टी और ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि गतिविधियों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। ऐसे में तटबंधों, जल निकासी और अन्य बाढ़ सुरक्षा संबंधी कार्यों को महत्वपूर्ण माना जाता है।
सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को संरक्षण मिला है। इससे बाढ़ के जोखिम वाले क्षेत्रों में किसानों की जमीन और कृषि आधारित आजीविका को सुरक्षित रखने के प्रयासों को मजबूती मिली है।
2.21 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिलने की बात
बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं का एक प्रमुख उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाली आबादी को संभावित नुकसान से बचाना है। राज्य सरकार के अनुसार, इन कार्यों से 2.21 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिला है। बाढ़ के दौरान घरों, ग्रामीण संपर्क मार्गों और स्थानीय सुविधाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए सुरक्षा संबंधी उपाय किए गए हैं।
हालांकि, इन परियोजनाओं के वास्तविक प्रभाव का आकलन क्षेत्रवार बाढ़ जोखिम, सुरक्षा कार्यों की स्थिति और प्रभावित इलाकों में हुए नुकसान के आंकड़ों के आधार पर किया जा सकता है।
1,300 सिंचाई परियोजनाएं भी पूरी
सरकार ने बाढ़ सुरक्षा के साथ सिंचाई व्यवस्था के विस्तार का भी उल्लेख किया है। उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक प्रदेश में 1,300 सिंचाई परियोजनाएं पूरी की गईं। इनके माध्यम से 24.11 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता का सृजन हुआ और 1.90 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाने की बात कही गई है।
इसके अलावा, प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 76,527 किलोमीटर लंबा नहर नेटवर्क, 71 जलाशय और 36,342 नलकूप सिंचाई व्यवस्था का हिस्सा हैं। इन संसाधनों के जरिए कृषि कार्यों के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
बाढ़ नियंत्रण और जल प्रबंधन पर सरकार का जोर
योगी सरकार की ओर से बाढ़ सुरक्षा और सिंचाई परियोजनाओं को ग्रामीण विकास तथा कृषि क्षेत्र से जोड़कर देखा जा रहा है। इन योजनाओं की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत रहती है और किसानों को सिंचाई सुविधाओं का कितना लाभ मिलता है। बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए परियोजनाओं के रखरखाव और समय-समय पर निगरानी की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।



