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यूपी राइज में युवाओं की नई सोच को मंच, हेल्थ से रोजगार तक स्टार्टअप आइडिया ने खींचा ध्यान।

नौकरी से आगे समाधान की सोच, यूपी राइज में युवाओं ने पेश किए स्टार्टअप के नए आइडिया।

यूपी राइज में युवाओं के नवाचार को मिला मंच, स्टार्टअप से समाधान और रोजगार की नई राह।

शारदा यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य, रोजगार और कारोबार से जुड़े आइडिया की प्रस्तुति, रिएक्ट हाइड्रोजेल को प्रथम और ‘साथी’ स्टार्टअप को रनर-अप पुरस्कार।

उत्तर प्रदेश सरकार के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन में युवाओं की ऊर्जा और नवाचार को अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में यूपी राइज ने युवाओं को अपनी सोच को उत्पाद, सेवा और स्टार्टअप के रूप में विकसित करने का मंच उपलब्ध कराया। ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं ने स्वास्थ्य, रोजगार और कारोबार से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर आधारित अपने नवाचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में यह संदेश भी सामने आया कि युवा केवल नौकरी तलाशने तक सीमित न रहकर नई समस्याओं के समाधान और रोजगार सृजन की दिशा में भी काम कर सकते हैं।

रिएक्ट हाइड्रोजेल को मिला प्रथम पुरस्कार।

प्रतियोगिता में रिएक्ट हाइड्रोजेल स्टार्टअप की फाउंडर इरम जहां के प्रोजेक्ट को प्रथम पुरस्कार के लिए चुना गया। उनके प्रोजेक्ट में एंटीऑक्सीडेंट गुणों वाले हाइड्रोजेल के जरिए पशुओं में होने वाले घावों के उपचार को आसान बनाने का प्रयास किया गया है। इरम ने मेंटर्स के सामने इसके उपयोग, संभावनाओं और व्यावहारिक पक्ष की जानकारी दी। प्रोजेक्ट में पशु स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या के लिए उत्पाद आधारित समाधान विकसित करने का प्रयास दिखाई दिया।

‘साथी’ ने रोजगार और कारोबार के बीच कनेक्शन पर दिया जोर।

रनर-अप पुरस्कार फालिया और उनके साथी ताबिश के स्टार्टअप ‘साथी’ को मिला। यह प्लेटफॉर्म उद्यमियों और वर्किंग प्रोफेशनल्स के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। टीम के मुताबिक, कारोबारियों को अपनी जरूरत के अनुसार कुशल लोगों की तलाश रहती है, जबकि प्रोफेशनल्स अपनी क्षमता के अनुरूप बेहतर अवसर खोजते हैं। ‘साथी’ इन दोनों पक्षों के बीच एक डिजिटल ब्रिज के रूप में काम करने का प्रयास करता है।

मेंटर्स ने सवालों से परखी प्रोजेक्ट की व्यावहारिकता।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अपने प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं को मेंटर्स के सामने रखा। उज्ज्वल सिंह, विश्व शर्मा, पंकज जैन और मनीष नाथ ने मेंटर की भूमिका निभाई। विशेषज्ञों ने युवाओं से प्रोजेक्ट की व्यावहारिकता, संभावित चुनौतियों और बड़े स्तर पर इसे लागू करने की रणनीति से जुड़े सवाल किए। इससे प्रतिभागियों को अपने आइडिया को केवल प्रस्तुति तक सीमित रखने के बजाय उसके व्यावसायिक और सामाजिक उपयोग पर विचार करने का अवसर मिला।

युवा शक्ति को अवसर मिलने से बदलेगी तस्वीर : डॉ. सिबाराम खारा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्टोरी टेलर और इनफ्लुएंसर परितोष आनंद रहे। शारदा यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. सिबाराम खारा ने कहा कि देश की बड़ी युवा आबादी ऊर्जा और नई सोच से भरपूर है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सही दिशा और अवसर मिलने से प्रदेश के विकास में उनकी भागीदारी और बढ़ सकती है।

‘शक्ति क्षेत्र’ में योजनाओं और अवसरों की जानकारी।

कार्यक्रम में ‘शक्ति क्षेत्र’ के तहत विभिन्न स्टॉल लगाए गए, जहां प्रतिभागियों को उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं, उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार से जुड़े अवसरों की जानकारी दी गई। यूपी राइज का यह मंच युवाओं को अपने विचारों को विशेषज्ञों की कसौटी पर परखने और उन्हें उत्पाद, सेवा या स्टार्टअप के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में अवसर प्रदान करता नजर आया। स्वास्थ्य से लेकर रोजगार और कारोबार तक, प्रस्तुत किए गए आइडिया ने यह दिखाया कि कैंपस आधारित नवाचार को व्यावहारिक समाधान और संभावित रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा सकता है।

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