उत्तर प्रदेश

CM Yogi की अभ्युदय योजना से SDM बनीं सोनम यादव, बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा की मिसाल

लखनऊ, 11 सितंबर। उत्तर प्रदेश में युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना अब कई युवाओं के लिए सफलता की राह आसान करने का माध्यम बन रही है। अयोध्या की सोनम यादव की सफलता इसी बदलाव की एक प्रेरक कहानी सामने रखती है। सीमित संसाधनों के बीच तैयारी करने वाली सोनम ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से मार्गदर्शन हासिल कर यूपीपीसीएस-2024 में उप जिलाधिकारी (SDM) पद पर चयन प्राप्त किया है। फिलहाल वह लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में प्रशासनिक प्रशिक्षण ले रही हैं।

अभ्युदय योजना से मिली तैयारी को नई दिशा
अयोध्या जिले के मवई ब्लॉक के हारिका पांडे का पुरवा, गड़ौरा गांव की रहने वाली सोनम यादव के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी आसान नहीं थी। ऐसे समय में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से उन्हें अध्ययन सामग्री, विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और तैयारी के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिला।

सोनम के मुताबिक प्रतियोगी परीक्षाओं में केवल मेहनत करना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि सही रणनीति और उचित मार्गदर्शन भी बेहद जरूरी है। अभ्युदय योजना के तहत मिले मार्गदर्शन ने उनकी तैयारी को व्यवस्थित करने के साथ ही आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

SDM प्रशिक्षण में प्रशासनिक जिम्मेदारियों की सीख
यूपीपीसीएस-2024 में चयन के बाद अब सोनम प्रशासनिक अधिकारी की भूमिका के लिए खुद को तैयार कर रही हैं। लखनऊ स्थित प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में उन्हें प्रशासनिक प्रक्रियाओं, कानून-व्यवस्था, राजस्व प्रशासन, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और आम लोगों से संवाद सहित प्रशासन के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

सोनम का कहना है कि यह प्रशिक्षण उन्हें एक जिम्मेदार, संवेदनशील और जन-केंद्रित अधिकारी के रूप में कार्य करने के लिए तैयार कर रहा है।

ग्रामीण बेटियों को दिया सफलता का संदेश
सोनम यादव की कहानी खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है। उनका कहना है कि आर्थिक परिस्थितियां या संसाधनों की कमी किसी भी युवा के सपनों की सीमा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और स्पष्ट लक्ष्य के साथ तैयारी करने की अपील की।

सोनम मानती हैं कि यदि प्रतिभा के साथ मेहनत और सही दिशा मिल जाए तो कठिन से कठिन लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनके अनुसार सरकार की योजनाएं युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने का काम कर रही हैं, लेकिन सफलता के लिए अभ्यर्थी की मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति सबसे महत्वपूर्ण है।

जन-केंद्रित प्रशासन को प्राथमिकता
एक भावी प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर सोनम यादव पारदर्शी और संवेदनशील प्रशासन को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करना चाहती हैं। उनका लक्ष्य है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।

सोनम की सफलता को मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के जरिए मिलने वाले अवसरों की एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है। उनकी उपलब्धि उन युवाओं और खासकर बेटियों के लिए संदेश है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद प्रशासनिक सेवाओं में जाने का सपना देख रहे हैं।

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