उत्तर प्रदेश

गोरखपुर को महिला सुरक्षा की नई सौगात! CM योगी ने 8.05 करोड़ के राजकीय महिला शरणालय का किया लोकार्पण

23 सितंबर । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर के चरगांवा में नवनिर्मित राजकीय महिला शरणालय भवन का लोकार्पण किया। महिला कल्याण विभाग की ओर से संचालित होने वाला यह शरणालय संकटपूर्ण परिस्थितियों से गुजर रही महिलाओं को सुरक्षित आवास, संरक्षण और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

करीब 8.05 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस भवन में एक साथ 100 महिलाओं के रहने की क्षमता है। अधिकारियों के मुताबिक, शरणालय में आवासीय सुविधा के साथ महिलाओं की दैनिक जरूरतों और देखभाल को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।

एक ही परिसर में आवास और जरूरी सुविधाएं
नवनिर्मित भवन में 10 डारमेट्री कक्ष और चार अध्ययन कक्ष बनाए गए हैं। इसके अलावा रोगी कक्ष, क्रेच रूम, डाइनिंग हॉल, किचन, स्टोर, शौचालय और स्नानघर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। प्रशासनिक और संचालन संबंधी काम के लिए वर्कशॉप, वार्डन कक्ष और कार्यालय की व्यवस्था की गई है। महिलाओं के अध्ययन और ज्ञानवर्धन के लिए पुस्तकालय भी बनाया गया है।

राजकीय महिला शरणालय महिला कल्याण विभाग के अधीन संचालित संरक्षणात्मक एवं आवासीय संस्था है। इसका उद्देश्य घरेलू हिंसा, सामाजिक या पारिवारिक कठिनाइयों, संकट अथवा अन्य परिस्थितियों से प्रभावित महिलाओं को सुरक्षित वातावरण और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।

महिला सुरक्षा और सम्मान पर जोर
लोकार्पण के दौरान मुख्यमंत्री ने भवन का निरीक्षण कर उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा और सम्मान से जुड़े विषयों पर भी जोर दिया गया। सरकार की ओर से महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके संरक्षण और पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की बात कही गई।

किशोरों के लिए भी तैयार हो रहा संरक्षण गृह
मुख्यमंत्री ने इसी क्षेत्र में निर्माणाधीन राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का भी निरीक्षण किया। करीब 14.87 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस केंद्र में 100 किशोरों के रहने की क्षमता होगी। परिसर में किशोर न्याय बोर्ड के लिए अलग ब्लॉक का भी प्रावधान किया गया है। परियोजना को फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है।

इस संप्रेक्षण गृह का उद्देश्य कानून के साथ संघर्ष की स्थिति में आए बच्चों को सुरक्षित और बाल-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है। यहां शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोसामाजिक सहयोग, कौशल विकास और पुनर्वास जैसी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।

गोरखपुर में महिला शरणालय का लोकार्पण महिला संरक्षण से जुड़ी संस्थागत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल के रूप में सामने आया है।

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