अमेठी में साइबर अपराध पर योगी सरकार का बड़ा कदम, 3.69 करोड़ का थाना भवन दीपावली तक तैयार
अमेठी, 5 अक्टूबर। ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अपराधों की बढ़ती चुनौती के बीच उत्तर प्रदेश सरकार साइबर अपराध से निपटने के लिए पुलिस के तकनीकी ढांचे को मजबूत करने में जुटी है। इसी कड़ी में अमेठी में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस साइबर क्राइम थाने का प्रशासनिक भवन अब निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच गया है। करीब 3.69 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस भवन का 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है और दीपावली तक इसके तैयार होने की उम्मीद है।
यह भवन गौरीगंज थाना क्षेत्र के सैंठा रोड स्थित बाहापुर ग्राम पंचायत में 0.285 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जा रहा है। परियोजना को गृह एवं गोपनीय विभाग की ओर से वित्त पोषण मिला है, जबकि निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की निर्माण इकाई अयोध्या को दी गई है।
नए भवन के शुरू होने के बाद साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों, तकनीकी जांच, डिजिटल साक्ष्यों के परीक्षण और विवेचना के लिए एक ही परिसर में कई जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। खास तौर पर साइबर अपराध के मामलों में डिजिटल सबूतों की भूमिका को देखते हुए यहां साइबर लैब और डिजिटल फोरेंसिक कक्ष बनाया जा रहा है।
इन सुविधाओं में मोबाइल फोन, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और दूसरे डिजिटल उपकरणों की तकनीकी जांच की जा सकेगी। डिलीट डेटा को रिकवर करने और ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े मामलों की जांच में भी डिजिटल फोरेंसिक सुविधा मददगार होगी। जब्त मोबाइल, लैपटॉप, सिम कार्ड और हार्ड डिस्क जैसे डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए रिकॉर्ड रूम और मालखाने की भी व्यवस्था की जा रही है।
साइबर ठगी के पीड़ितों के लिए शिकायत एवं सहायता कक्ष भी प्रस्तावित है। यहां लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल तथा 1930 हेल्पलाइन से जुड़े मामलों में आवश्यक समन्वय किया जा सकेगा। साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती स्तर पर शिकायत और संबंधित बैंक या डिजिटल प्लेटफॉर्म से तत्काल संपर्क महत्वपूर्ण माना जाता है।
भवन में थाना प्रभारी, विवेचकों और साइबर विशेषज्ञों के लिए अलग-अलग कक्षों के अलावा सम्मेलन कक्ष, सर्वर एवं डेटा रूम, पूछताछ कक्ष और अस्थायी लॉकअप जैसी सुविधाएं भी होंगी। पुलिस वाहनों और आगंतुकों के लिए पार्किंग तथा कर्मचारियों के लिए विश्राम कक्ष की व्यवस्था भी की जा रही है।
निर्माण इकाई के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार के मुताबिक भवन का 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है और बाकी काम तेजी से कराया जा रहा है। जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने भी परियोजना के अंतिम चरण में पहुंचने की जानकारी दी है। दीपावली तक भवन तैयार होने के बाद अमेठी में साइबर अपराध की जांच के लिए आधुनिक तकनीकी आधारभूत ढांचा और मजबूत होने की उम्मीद है।



