उत्तर प्रदेश

यूपी के हेम्प फाइबर की विदेशों में बढ़ी मांग, अमेरिका-कोरिया से हुआ एमओयू, योगी सरकार की नीतियों से कारोबार को ग्लोबल उड़ान

ग्रेटर नोएडा, 28 सितंबर। उत्तर प्रदेश के कारोबारियों और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के कृषि आधारित उद्योगों की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। संभल की कंपनी भारत हेम्प एग्रो ने कृषि अवशेष से तैयार किए जा रहे हेम्प फाइबर के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। कंपनी ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया में हेम्प फाइबर के निर्यात के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है।

भारत हेम्प एग्रो के फाउंडर आयुष सिंह के मुताबिक, कंपनी की शुरुआत 2021 में हुई थी। इससे पहले हेम्प की खेती से निकलने वाले कृषि अवशेष को अक्सर जला दिया जाता था या बेकार समझकर छोड़ दिया जाता था। कंपनी ने इसी अवशेष को उपयोगी संसाधन में बदलने की तकनीक पर काम किया और इसे हाई-ग्रेड टेक्सटाइल फाइबर के रूप में विकसित किया।

कंपनी का दावा है कि अब तक करीब 100 टन कृषि अवशेष को टेक्सटाइल फाइबर में बदला जा चुका है। हेम्प फाइबर को प्राकृतिक रूप से एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल बताया गया है। साथ ही, कंपनी के अनुसार हेम्प आधारित फाइबर के उत्पादन में कॉटन की तुलना में पानी की जरूरत भी कम होती है। ऐसे में कृषि अवशेष के उपयोग के साथ-साथ यह पहल टिकाऊ उत्पादन के क्षेत्र में भी संभावनाएं पैदा कर रही है।

एक हजार किसानों की आय बढ़ने का दावा
आयुष सिंह के अनुसार, कंपनी की पहल से करीब एक हजार किसानों की आय दोगुनी हुई है, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से लगभग तीन हजार ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने में मदद मिली है। कंपनी को उत्तर प्रदेश सरकार की प्रोटोटाइप डेवलपमेंट ग्रांट और केंद्र सरकार की नेशनल एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर स्कीम से भी सहयोग मिलने की बात कही गई है।

उन्होंने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के पिछले तीन संस्करणों में कंपनी को कारोबार विस्तार के कई अवसर मिले। इस बार अमेरिका और दक्षिण कोरिया के लिए हुए एमओयू को कंपनी अपने उत्पाद के अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।

हेम्प फाइबर में नई संभावनाएं
कंपनी के फाउंडर ने बताया कि केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की न्यू एज फाइबर पॉलिसी में हेम्प को एलाइड फाइबर के रूप में शामिल किए जाने से इस क्षेत्र में संभावनाएं बढ़ी हैं। उनके मुताबिक भारत में हेम्प आधारित उत्पादों की संभावनाएं होने के बावजूद पहले इससे जुड़े कई उत्पाद चीन से आयात किए जाते थे। इसी अंतर को देखते हुए देश में ही हेम्प फाइबर तैयार करने की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया गया।

उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक, इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे मंचों के जरिए प्रदेश के छोटे और मध्यम कारोबारियों को विदेशी खरीदारों से सीधे जुड़ने का अवसर मिल रहा है। संभल की भारत हेम्प एग्रो की कहानी इसी दिशा में कृषि अवशेष, स्थानीय उद्यमिता और निर्यात बाजार को जोड़ने की एक मिसाल के रूप में सामने आई है।

 

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