सितंबर में यूपी आबकारी राजस्व में बड़ी छलांग, 4,611 करोड़ का संग्रह।
योगी सरकार में आबकारी राजस्व बढ़ा, छह महीने में 29,406 करोड़ से ज्यादा संग्रह।
सितंबर में यूपी के आबकारी राजस्व में बड़ी छलांग, 4,611 करोड़ की कमाई से सरकार के खजाने को बढ़त।

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की ओर से अवैध शराब के कारोबार और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे प्रवर्तन अभियान के बीच आबकारी विभाग ने सितंबर 2026 में राजस्व संग्रह में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में कुल 4,611.29 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में मिले 3,811.70 करोड़ रुपये की तुलना में 799.59 करोड़ रुपये अधिक है। विभाग ने इस महीने निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 120.98 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज करने का दावा किया है।
छह महीने में 29,406 करोड़ रुपये से ज्यादा का संग्रह।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर तक भी आबकारी विभाग के राजस्व में बढ़ोतरी दर्ज की गई। विभाग के अनुसार, इस अवधि में कुल क्रमिक प्राप्ति 29,406.50 करोड़ रुपये रही। पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 26,149.32 करोड़ रुपये था। इस तरह छह महीने में पिछले वर्ष की तुलना में 3,257.18 करोड़ रुपये अधिक राजस्व प्राप्त हुआ।
अवैध शराब के खिलाफ 89 हजार से ज्यादा छापे।

राजस्व संग्रह के साथ ही विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई के आंकड़े भी जारी किए हैं। सितंबर 2026 में विशेष अभियान के तहत प्रदेशभर में 89,251 छापे मारे गए। इस दौरान विभाग के अनुसार 2.33 लाख लीटर से अधिक अवैध शराब बरामद की गई और 251 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। आबकारी विभाग का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर कार्रवाई के साथ हाईवे, ढाबों तथा अंतरराज्यीय सीमाओं पर निगरानी बढ़ाई गई। इसके अलावा शराब की वैध आपूर्ति और बिक्री पर नजर रखने के लिए क्यूआर कोड आधारित ‘ट्रैक एंड ट्रेस’ तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
नितिन अग्रवाल बोले—लीकेज रोकने पर फोकस।

आबकारी राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार नितिन अग्रवाल के मुताबिक, विभाग की टीमों ने तकनीक आधारित निगरानी और लगातार प्रवर्तन अभियान के जरिए राजस्व में होने वाले लीकेज को रोकने पर काम किया है। उन्होंने कहा कि डिस्टिलरी से लेकर फुटकर दुकानों तक निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है और आगामी महीनों में भी अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
‘अतिरिक्त राजस्व से विकास योजनाओं को मिलेगी गति।’
आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने कहा कि सितंबर में करीब 800 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्राप्ति विभाग की राजस्व व्यवस्था में बढ़ोतरी को दर्शाती है। उनके मुताबिक, सरकार के राजस्व में होने वाली यह अतिरिक्त प्राप्ति बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध कराने में सहायक हो सकती है। उत्तर प्रदेश की आबकारी नीति में भी राजस्व बढ़ाने के साथ डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता और अवैध मदिरा के कारोबार पर सख्त कार्रवाई को प्रमुखता दी गई है।



