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यूपी के ITI में बड़ा बदलाव! 8 शहरों में PM-सेतु मॉडल, इंडस्ट्री की जरूरत के हिसाब से होगी ट्रेनिंग

युवाओं के रोजगार पर योगी सरकार का फोकस! ITI में आएगी नई तकनीक, उद्योगों से जुड़ेगा प्रशिक्षण

यूपी के ITI अब बनेंगे इंडस्ट्री का ट्रेनिंग हब! योगी सरकार का बड़ा प्लान, 8 शहरों में PM-सेतु मॉडल की शुरुआत

लखनऊ, 23 सितंबर। उत्तर प्रदेश में युवाओं को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक रोजगारपरक प्रशिक्षण देने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (PM-सेतु) योजना के तहत प्रदेश के चुनिंदा आईटीआई को उद्योगों के साथ सीधे जोड़कर विकसित करने की तैयारी है।

योजना के पहले चरण में कानपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज और आगरा के राजकीय आईटीआई क्लस्टरों को शामिल किया गया है। सरकार का उद्देश्य प्रशिक्षण और उद्योगों की मौजूदा व भविष्य की जरूरतों के बीच अंतर को कम करना है, ताकि आईटीआई से निकलने वाले युवाओं के कौशल का बेहतर इस्तेमाल रोजगार के क्षेत्र में हो सके।

आठ शहरों में बनेगा इंडस्ट्री-ITI नेटवर्क

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल के मुताबिक, इन आठ शहरों के आईटीआई क्लस्टरों के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर्स की पहचान और उनकी भागीदारी की प्रक्रिया शुरू की गई है।

इस व्यवस्था में उद्योगों की भूमिका केवल प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी देने तक सीमित नहीं रहेगी। उद्योगों को पाठ्यक्रम तैयार करने, प्रशिक्षण मानकों को अपडेट करने और नई तकनीक को प्रशिक्षण में शामिल करने में भी भागीदार बनाया जाएगा।

आधुनिक मशीनों से लेकर प्लेसमेंट तक उद्योगों की भूमिका

PM-सेतु मॉडल के तहत आईटीआई में आधुनिक मशीनों और उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया जाएगा। छात्रों के लिए एप्रेंटिसशिप, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और प्लेसमेंट लिंकेज को मजबूत करने की योजना है।

इसका उद्देश्य प्रशिक्षण को केवल प्रमाणपत्र हासिल करने तक सीमित रखने के बजाय उसे सीधे रोजगार की जरूरतों से जोड़ना है। स्थानीय उद्योगों की मांग के आधार पर युवाओं को तकनीकी कौशल देने पर जोर रहेगा।

200 से ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियां बन सकेंगी पार्टनर

एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के तौर पर ऐसे उद्योग, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, उद्योग संगठन और अन्य पात्र संस्थाएं भाग ले सकेंगी, जिनमें 200 से अधिक कर्मचारी हों। चयन के दौरान संबंधित क्षेत्र की औद्योगिक जरूरतों और कौशल की मांग को महत्व दिया जाएगा।

देशभर में ₹60 हजार करोड़ का प्रस्तावित निवेश

PM-सेतु योजना के तहत अगले पांच वर्षों में देशभर के राजकीय आईटीआई के कायाकल्प के लिए करीब 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश की परिकल्पना की गई है। प्रस्तावित हिस्सेदारी में केंद्र सरकार 30 हजार करोड़, राज्य सरकारें 20 हजार करोड़ और उद्योग 10 हजार करोड़ रुपये योगदान देंगे।

योजना के तहत लगभग 1,000 राजकीय आईटीआई को हब एंड स्पोक मॉडल पर विकसित करने की परिकल्पना है। इनमें करीब 200 हब और 800 स्पोक आईटीआई होंगे। इससे आधुनिक प्रयोगशालाओं, महंगे उपकरणों और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों जैसे संसाधनों को कई संस्थानों के बीच साझा करने की व्यवस्था विकसित की जा सकेगी।

युवाओं और उद्योगों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर

योगी सरकार की योजना स्थानीय उद्योगों और एमएसएमई के साथ संवाद बढ़ाकर उन्हें इस कौशल विकास व्यवस्था से जोड़ने की है। सरकार का जोर ऐसा आईटीआई-इंडस्ट्री इकोसिस्टम तैयार करने पर है, जहां प्रशिक्षण की शुरुआत से लेकर रोजगार और प्लेसमेंट तक उद्योगों की भागीदारी बनी रहे।

इस मॉडल के जरिए प्रदेश के अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों की जरूरत के मुताबिक युवाओं को आधुनिक कौशल देने और उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी है।

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