योगी सरकार की OTS योजना से शहरी करदाताओं को बड़ी राहत! 31 करोड़ की ब्याज माफी, लखनऊ गृहकर वसूली में प्रदेश में अव्वल
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की एकमुश्त समाधान योजना (OTS) शहरी करदाताओं को पुराने बकायों से राहत देने के साथ नगरीय निकायों की राजस्व वसूली बढ़ाने पर केंद्रित है। योजना के तहत सरचार्ज और ब्याज में छूट का लाभ मिलने से हजारों करदाताओं को आर्थिक राहत मिलने का दावा किया गया है। सरकार के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य बकाया करों के निस्तारण के साथ स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है।
48 हजार से ज्यादा आवेदन, ब्याज में करोड़ों की छूट
15 अगस्त 2026 को शुरू की गई ओटीएस योजना के अंतर्गत अब तक 48,751 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी दी गई है। इनमें से 25,231 आवेदनों को स्वीकृति मिल चुकी है। वहीं, योजना के तहत स्वीकृत लाभार्थियों को कुल 31.06 करोड़ रुपये की सरचार्ज और ब्याज में छूट दिए जाने का दावा किया गया है। सरकार के मुताबिक, इससे प्रत्येक लाभार्थी को औसतन लगभग 12,655 रुपये की बचत हुई है।
योजना के माध्यम से वर्षों से लंबित गृहकर और अन्य शहरी कर बकायों के निस्तारण का अवसर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य करदाताओं पर पुराने बकाये का आर्थिक दबाव कम करना और निकायों को लंबित राजस्व प्राप्त करने में मदद करना है।
आवासीय संपत्तियों के करदाताओं की बड़ी भागीदारी
प्राप्त आवेदनों में आवासीय संपत्तियों से जुड़े करदाताओं की भागीदारी प्रमुख बताई गई है। आंकड़ों के अनुसार, 31,002 आवेदन आवासीय संपत्तियों से संबंधित हैं। इसके अलावा व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग वाली संपत्तियों के स्वामियों ने भी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया है।

योजना के तहत नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों, नगर पंचायतों और जल संस्थानों से जुड़े करदाताओं ने आवेदन किए हैं। इससे शहरी क्षेत्रों में बकाया करों के समाधान के लिए योजना की पहुंच का संकेत मिलता है।
लखनऊ नगर निगम की गृहकर वसूली में बढ़त
ओटीएस योजना के तहत गृहकर वसूली में लखनऊ नगर निगम को प्रदेश के 17 नगर निगमों में सबसे आगे बताया गया है। निगम ने अब तक करीब 6.70 करोड़ रुपये की गृहकर वसूली की जानकारी दी है। लखनऊ में 4,159 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 3,723 स्वीकृत किए जा चुके हैं। पांच आवेदन निरस्त हुए हैं, जबकि 239 आवेदन प्रक्रिया में बताए गए हैं।
राजस्व से नागरिक सुविधाओं के विकास का लक्ष्य
योजना के तहत 73.80 करोड़ रुपये की कुल मांग के मुकाबले 24.51 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष राजस्व प्राप्त होने की जानकारी दी गई है। सरकार के अनुसार, इस राजस्व का उपयोग पेयजल, सड़कों, स्ट्रीट लाइट और अन्य नगरीय सुविधाओं के विकास में किया जाएगा।
नगर विकास सचिव अनुज कुमार झा ने निकायों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देने की बात कही है, ताकि अधिक से अधिक करदाता लाभान्वित हो सकें और पुराने बकायों का निस्तारण किया जा सके।



