उत्तर प्रदेश

योगी सरकार का दिव्यांगजनों को बड़ा तोहफा! हर विधानसभा में लगेंगे कल्याण शिविर, 10 अक्टूबर तक पूरा होगा अभियान

लखनऊ, 18 सितंबर। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम पहल की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दिव्यांग कल्याण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनके घर के नजदीक आवश्यक सुविधाएं, सहायक उपकरण और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना है। सरकार ने इस अभियान को 10 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

यह पहल ‘सेवा सेतु अभियान’ के अंतर्गत संचालित की जाएगी। इसके माध्यम से पात्र दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण योजना का लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को कृत्रिम अंग और उनकी आवश्यकता के अनुसार अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

एक ही स्थान पर पंजीकरण से लेकर पात्रता सत्यापन तक की सुविधा
सरकार की योजना के अनुसार, इन शिविरों में दिव्यांगजनों का चिन्हांकन और पंजीकरण किया जाएगा। सहायक उपकरण प्राप्त करने के लिए आवेदन लेने के साथ-साथ आवश्यक दस्तावेजों और पात्रता का सत्यापन भी किया जाएगा। इससे लाभार्थियों को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी कम हो सकती है।

शिविरों में दिव्यांगजनों के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी। जरूरत के अनुसार लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए मार्गदर्शन देने की व्यवस्था भी की जाएगी।

जिलाधिकारियों को विभागों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी
शासनादेश के मुताबिक, शिविरों के प्रभावी आयोजन के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक शिविरों की जानकारी पहुंचाई जाए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।

सरकार का दावा है कि इस अभियान से दिव्यांगजनों की सरकारी सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी और उनकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, इस पहल का वास्तविक प्रभाव शिविरों के आयोजन, पात्र लाभार्थियों की पहचान और सहायक उपकरणों के समय पर वितरण पर निर्भर करेगा।

योगी सरकार की यह पहल दिव्यांगजनों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध कराने और कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक कदम है। अब देखना होगा कि प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में इन शिविरों का आयोजन निर्धारित समयसीमा के भीतर किस तरह किया जाता है और कितने पात्र लाभार्थियों को इसका सीधा लाभ मिल पाता है।

 

Related Articles

Back to top button