लखनऊ में किताबों का महाकुंभ: CM योगी ने किया गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का उद्घाटन, युवाओं को पढ़ने का दिया संदेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार को साहित्य, शिक्षा और संस्कृति से जुड़ा एक बड़ा आयोजन शुरू हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 के पांचवें संस्करण का उद्घाटन किया। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास यानी NBT की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार और लखनऊ विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित यह महोत्सव 12 से 20 सितंबर तक चलेगा।
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किताबों और पढ़ने की संस्कृति को लेकर युवाओं और विद्यार्थियों को संदेश दिया। उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के अलावा उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी, NBT के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे और निदेशक युवराज मलिक समेत लेखक, प्रकाशक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

गोमती पुस्तक महोत्सव को इस बार बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। आयोजन में करीब 250 पुस्तक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें 121 प्रकाशक हिस्सा ले रहे हैं। यहां हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी और दूसरी भारतीय भाषाओं की हजारों किताबें उपलब्ध रहेंगी। आयोजकों के मुताबिक महोत्सव में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है।
महोत्सव में सिर्फ किताबों की प्रदर्शनी ही नहीं, बल्कि साहित्यिक चर्चाओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और बच्चों एवं युवाओं के लिए विभिन्न गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है। महिला अस्मिता, युवा साहित्य, अनुवाद, विरासत एवं लोक परंपराओं, विज्ञान, अंतरिक्ष, आध्यात्मिकता और समकालीन पत्रकारिता जैसे विषयों पर संवाद आयोजित किए जाएंगे।

महोत्सव का एक खास आकर्षण अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का विद्यार्थियों और युवाओं के साथ संवाद भी रहेगा। इसके अलावा लोक गायिका मालिनी अवस्थी, लेखक शंतनु गुप्ता और पद्मश्री सम्मानित विद्या बिंदु सिंह समेत कई प्रमुख हस्तियां अलग-अलग सत्रों में हिस्सा लेंगी। बच्चों के लिए अलग मंडप में कहानी, कठपुतली, रचनात्मक कार्यशालाएं, क्विज और अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उद्घाटन के साथ शुरू हुआ यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब सरकार और शैक्षणिक संस्थानों की ओर से पढ़ने की आदत, पुस्तकालयों और ज्ञान आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में गोमती पुस्तक महोत्सव लखनऊ को साहित्य और सांस्कृतिक संवाद के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण आयोजन के तौर पर देखा जा रहा है।

कुल मिलाकर, 20 सितंबर तक चलने वाला यह महोत्सव किताबों, साहित्य, संस्कृति, विज्ञान और युवाओं के संवाद का एक बड़ा मंच बनने जा रहा है।



