उत्तर प्रदेश

योगी का अधिकारियों को अल्टीमेटम! एक्सप्रेसवे से गरीबों की योजनाओं तक, हर काम समय पर पूरा करने के निर्देश।

यूपी में विकास परियोजनाओं की समीक्षा, 9 लाख परिवार आवास के पात्र; बिजली और मंडियों पर भी फोकस।

मुख्यमंत्री योगी के निर्देश: औद्योगिक परियोजनाओं में तेजी, पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ और बिजली व्यवस्था में सुधार पर जोर।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में चल रही विकास परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश, ऊर्जा आपूर्ति, श्रमिक कल्याण और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। गुरुवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की आठवीं उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बड़ी परियोजनाओं को केवल कागजी प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि उन्हें निर्धारित समय में धरातल पर उतारा जाए।

एक्सप्रेसवे और लॉजिस्टिक परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश।

बैठक में विभिन्न एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। अधिकारियों के अनुसार, चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए चार निविदाएं प्राप्त हुई हैं और अक्टूबर में निविदा प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य है। फर्रुखाबाद, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक, झांसी और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 80 से 91 प्रतिशत तक भूमि उपलब्ध हो चुकी है। मेरठ-हरिद्वार, विंध्य और विंध्य-पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेसवे के लिए सत्यापन पूरा होने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को भूमि से संबंधित शेष कार्यों में तेजी लाने और प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने के निर्देश दिए। ग्रेटर नोएडा के मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब की समीक्षा में बताया गया कि कुल 323 हेक्टेयर भूमि में से 301 हेक्टेयर पर कब्जा प्राप्त हो चुका है।

जीरो पावर्टी अभियान में पात्र परिवारों तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ।

गरीबी उन्मूलन से जुड़े जीरो पावर्टी अभियान की समीक्षा में बताया गया कि चिह्नित 12.50 लाख परिवारों में से लगभग नौ लाख परिवार आवास के पात्र पाए गए हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 30,725 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। अभियान के तहत पात्र परिवारों को श्रमिक पंजीकरण, आयुष्मान कार्ड, अंत्योदय कार्ड, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया भी जारी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अभियान केवल पात्र परिवारों की पहचान तक सीमित न रहे। संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक पात्र परिवार को निर्धारित योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले।

मंडियों, बिजली आपूर्ति और अग्नि सुरक्षा पर भी जोर।

मुख्यमंत्री ने मंडियों में साफ-सफाई बनाए रखने, जलभराव रोकने और किसानों को उपज बेचने के दौरान बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। हालिया अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में बाधित बिजली आपूर्ति शीघ्र बहाल करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर को 24 घंटे सक्रिय रखने को कहा। उन्होंने बिजली चोरी और लाइन लॉस की वास्तविक स्थिति जानने के लिए फीडरवार ऑडिट कराने तथा उपभोक्ताओं को समय पर सही बिल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और होटलों में वैध फायर एनओसी तथा अग्नि सुरक्षा मानकों के नियमित निरीक्षण पर भी जोर दिया गया।

महिला छात्रावास, सड़क परियोजनाएं और डिजिटल लाइब्रेरी की समीक्षा।

महिला श्रम सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से कामकाजी महिलाओं के छात्रावासों का निर्माण तेज करने और उनके संचालन के लिए प्रभावी नीति तैयार करने के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग की 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 279 परियोजनाओं को अनुबंध के अनुसार समय पर पूरा करने को कहा गया। इसके अलावा, 454 करोड़ रुपये की लागत से 11,350 ग्राम पंचायतों में स्थापित की जा रही डिजिटल लाइब्रेरी की प्रगति की समीक्षा हुई। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें शत-प्रतिशत एनबीटी पुस्तकें और 96 प्रतिशत फर्नीचर पहुंच चुका है, जबकि 99 प्रतिशत लाइब्रेरी में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने शेष हार्डवेयर की आपूर्ति तेज करने और रियल टाइम डैशबोर्ड से नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विकास कार्यों की नियमित निगरानी, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और निर्धारित समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

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