उत्तर प्रदेश

यूपी में मेडिकल कॉलेज 36 से बढ़कर 85 हुए, MBBS सीटें 13,600 पार।

यूपी की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीएम योगी का बयान, 10 करोड़ से अधिक लोगों के स्वास्थ्य कवरेज का दावा।

यूपी में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 36 से बढ़कर 85 हुई, MBBS सीटें 13,600 पार; सीएम योगी ने गिनाईं स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियां।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में हुए विस्तार को रेखांकित करते हुए राज्य को ‘स्वस्थ प्रदेश-सक्षम प्रदेश’ बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों की जानकारी साझा की। शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिक्षा, मेडिकल कॉलेजों की संख्या और स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से आम नागरिकों को उपचार की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज की पहल पर जोर।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और अंत्योदय के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ के लक्ष्य को उत्तर प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं के विस्तार से जोड़ा। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की स्वास्थ्य व्यवस्था की तुलना मौजूदा स्थिति से करते हुए इसे प्रदेश में आए बदलाव का उदाहरण बताया। इस पहल का उद्देश्य मेडिकल शिक्षा के संस्थानों का विस्तार करना और लोगों को अपने जिले या आसपास के क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ना है। हालांकि, प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज की वास्तविक उपलब्धता और संचालन की स्थिति अलग से देखी जानी चाहिए।

मेडिकल कॉलेज 36 से बढ़कर 85, एमबीबीएस सीटों में भी इजाफा।

मुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 36 थी, जो अब बढ़कर 85 हो गई है। इसी अवधि में एमबीबीएस की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक बताई गई हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, राज्य में चिकित्सा शिक्षा की क्षमता में विस्तार हुआ है। इससे अधिक विद्यार्थियों को डॉक्टर बनने के लिए पढ़ाई के अवसर मिल सकते हैं। इसके साथ ही, चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर बनाए रखने के लिए पर्याप्त शिक्षकों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, उपकरणों और अस्पतालों की उपलब्धता भी अहम है।

10 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य योजनाओं से आच्छादित करने का दावा।

मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके दायरे में 10 करोड़ से अधिक प्रदेशवासी शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को गंभीर बीमारियों के उपचार में आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि महंगे इलाज का बोझ परिवारों पर कम पड़े। हालांकि, योजनाओं से आच्छादित लोगों की संख्या और वास्तव में उपचार प्राप्त करने वाले लाभार्थियों की संख्या अलग-अलग हो सकती है। इसलिए स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभाव का आकलन करने में पात्रता, अस्पतालों में उपलब्ध सेवाओं और वास्तविक उपचार संबंधी आंकड़ों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत बनाने पर सरकार का फोकस।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए विस्तार को प्रदेश के विकास से जोड़ते हुए कहा कि उपचार की मजबूरी से स्वास्थ्य सुरक्षा के भरोसे तक पहुंचना उत्तर प्रदेश की नई पहचान है। मेडिकल कॉलेजों, एमबीबीएस सीटों और स्वास्थ्य योजनाओं के विस्तार को उन्होंने इस दिशा में महत्वपूर्ण बताया। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की समग्र प्रगति का आकलन केवल संस्थानों और सीटों की संख्या से नहीं, बल्कि आम नागरिकों को समय पर उपचार, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और इलाज की गुणवत्ता के आधार पर भी किया जाना जरूरी है।

Related Articles

Back to top button