सीएम योगी का कांग्रेस पर हमला, बोले- देश में अराजकता-अव्यवस्था का पर्याय बनी पार्टी।
‘जीत पर पुरुषार्थ, हार पर ईवीएम दोषी’, सीएम योगी ने कांग्रेस पर साधा निशाना। कॉपी हेडलाइन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल देश में अव्यवस्था पैदा करने और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का प्रयास कर रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं तथा न्यायपालिका को लगातार कठघरे में खड़ा करना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस से अपने राजनीतिक आचरण पर पुनर्विचार करने की अपील भी की।

‘चुनाव जीतने पर पुरुषार्थ, हारने पर ईवीएम दोषी’।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनावी परिणामों को लेकर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने पर राजनीतिक दल अपनी सफलता का श्रेय लेते हैं, जबकि हारने पर ईवीएम और निर्वाचन आयोग को जिम्मेदार ठहराते हैं। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जिम्मेदार व्यवहार जरूरी है। योगी ने न्यायपालिका का उल्लेख करते हुए कहा कि अदालतों के फैसलों पर असहमति होने पर भी संस्थागत मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल राजनीतिक विरोध के दौरान कई बार ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं, जिससे सार्वजनिक विमर्श प्रभावित होता है। ये आरोप मुख्यमंत्री के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
1985 के बाद यूपी में कांग्रेस की वापसी नहीं होने का जिक्र।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के राजनीतिक प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने 1985 के बाद से पार्टी को सत्ता में वापस नहीं आने दिया है। उन्होंने दावा किया कि देश के विभिन्न राज्यों में भी कांग्रेस का जनाधार कमजोर हुआ है। योगी आदित्यनाथ ने पार्टी नेताओं को अपने नेतृत्व और राजनीतिक रणनीति की समीक्षा करने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को यह समझने की जरूरत है कि जनता बार-बार उसे क्यों नकार रही है। उन्होंने विपक्षी दलों से आत्ममंथन करने और जनता के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों को अपनी असफलताओं की समीक्षा कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।

संवैधानिक संस्थाओं पर विवाद को लेकर विपक्ष को घेरा।
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन राजनीतिक असहमति को ऐसे तरीके से व्यक्त कर रहे हैं, जिससे संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर विवाद बढ़ता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में निर्वाचन आयोग, न्यायपालिका और अन्य संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की जनता लोकतांत्रिक रूप से जागरूक है और अराजकता को स्वीकार नहीं करेगी। हालांकि, विपक्ष की ओर से लगाए जाने वाले आरोपों और संस्थागत प्रक्रियाओं पर उसके तर्कों का स्वतंत्र मूल्यांकन तथ्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।
युवाओं को गुमराह नहीं करने की अपील।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से युवाओं को कथित तौर पर गुमराह करने से बचने और मुद्दों पर आधारित राजनीति करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को बहस, तथ्यों और लोकतांत्रिक संवाद के माध्यम से अपनी बात रखनी चाहिए। मुख्यमंत्री के मुताबिक, स्वस्थ राजनीतिक प्रतिस्पर्धा देश के लोकतंत्र और जनता के हित में है।



