उत्तर प्रदेश

कीचड़ में फंसी विकास की राह! कबरियनपुरवा में सड़क बनी मुसीबत, ग्रामीणों का जिम्मेदारों से बड़ा सवाल

बहराइच में विकास की खुली पोल! कीचड़ में फंसी गाड़ियां, बच्चों-ग्रामीणों को लगाना पड़ा धक्का

बहराइच। विकास के दावों के बीच बहराइच के फखरपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कुण्डासपारा स्थित कबरियनपुरवा गांव में सड़क की बदहाल स्थिति ने स्थानीय व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के बाद गांव की सड़क पर जगह-जगह जलभराव और कीचड़ जमा होने से आवागमन मुश्किल हो गया है। गड्ढों से भरे रास्ते पर वाहन फंस रहे हैं और कई बार ग्रामीणों तथा बच्चों को मिलकर वाहनों को धक्का लगाकर बाहर निकालना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के मुताबिक, गांव की यह सड़क लंबे समय से जर्जर स्थिति में है, लेकिन बरसात के मौसम में समस्या कई गुना बढ़ जाती है। सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने के कारण लोगों का पैदल निकलना तक मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की समस्या कोई नई नहीं है। कई बार संबंधित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने समस्या रखे जाने के बावजूद अब तक ऐसा कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ, जिससे बरसात के दौरान ग्रामीणों को राहत मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत को देखकर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर लंबे समय से चली आ रही इस समस्या पर जिम्मेदारों का ध्यान क्यों नहीं गया।

अब ग्रामीणों की नजर क्षेत्रीय विधायक आनंद यादव, सांसद करण भूषण सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि मुन्ना भईया, खंड विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान की ओर है। ग्रामीण चाहते हैं कि संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर सड़क की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें और महज अस्थायी मरम्मत के बजाय समस्या का स्थायी समाधान कराएं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव की सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, मरीजों की आवाजाही और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतों से सीधे जुड़ी हुई है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति का असर पूरे गांव के सामान्य जनजीवन पर पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने के साथ सड़क की मरम्मत या पुनर्निर्माण का काम जल्द कराया जाए। उनका कहना है कि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी माना जाएगा, जब गांवों की बुनियादी समस्याओं का समाधान जमीन पर दिखाई दे।

फिलहाल कबरियनपुरवा की बदहाल सड़क स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए एक चुनौती बनी हुई है। अब बड़ा सवाल यही है कि ग्रामीणों की इस परेशानी पर जिम्मेदार कब संज्ञान लेते हैं और कब तक सड़क की तस्वीर बदलती है।

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