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दीपोत्सव-2026 में बदलेगा अयोध्या का रंग-रूप, रामायण थीम से सजेगी रामनगरी।

रामायण के रंग में सजेगी अयोध्या, 7 नवंबर को दीपोत्सव का मुख्य आयोजन।

दीपोत्सव-2026 में रामायण थीम से सजेगी अयोध्या, पुष्पक विमान से भव्य द्वार तक दिखेगा नया स्वरूप।

अयोध्या में दीपोत्सव-2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार दीपों की रोशनी के साथ पूरी रामनगरी को रामायण की थीम पर सजाने की योजना बनाई गई है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की कार्ययोजना के अनुसार प्रमुख प्रवेश मार्गों, चौराहों, धर्म पथ, रामकथा पार्क, राम की पैड़ी और सरयू तट तक थीम आधारित सजावट की जाएगी। दीपोत्सव का मुख्य आयोजन 7 नवंबर को प्रस्तावित है, जबकि विभिन्न कार्यक्रम 6 से 8 नवंबर तक होंगे।

20 सेल्फी प्वाइंट और 10 थीम आधारित वे-फाइंडर बनेंगे आकर्षण।

श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा तथा आकर्षण को ध्यान में रखते हुए रामकथा पार्क और राम की पैड़ी पर 10-10 सेल्फी प्वाइंट तैयार किए जाएंगे। इन सभी इंस्टॉलेशन की थीम और डिजाइन अलग-अलग होगी। इसके अलावा करीब 10 प्रमुख स्थानों पर थीम आधारित वे-फाइंडर लगाए जाएंगे, जिससे आगंतुकों को प्रमुख आयोजन स्थलों तक पहुंचने में आसानी होगी।

रामायण के प्रसंगों पर आधारित होंगे भव्य प्रवेश द्वार।

अयोध्या आने वाले प्रमुख मार्गों और धर्म पथ पर रामायण की थीम से जुड़े 10 सजावटी द्वार तैयार किए जाएंगे। लखनऊ, सुल्तानपुर और रायबरेली की ओर से आने वाले मार्गों पर बनाए जाने वाले इन द्वारों में अलग-अलग डिजाइन और पारंपरिक प्रतीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रकाश सज्जा के साथ ये प्रवेश द्वार दीपोत्सव के माहौल को और प्रमुख रूप देंगे।

पुष्पक विमान से राम दरबार तक दिखेगी रामायण की झलक।

राम की पैड़ी के निकट पुष्पक विमान थीम पर रोडसाइड इंस्टॉलेशन तैयार किया जाएगा। इसके साथ राम रथ, रामायण आधारित झांकियां और राम दरबार की प्रस्तुति भी प्रस्तावित है। रामकथा पार्क के समीप हेलीपैड क्षेत्र में भरत मिलाप मंच और पाथवे विकसित किए जाएंगे। सरयू और राम की पैड़ी क्षेत्र में आकर्षक फ्लोटर्स भी लगाए जाएंगे।

रामकथा पार्क का मंच भी नए कलेवर में नजर आएगा।

दीपोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए रामकथा पार्क के स्थायी मंच को नए स्वरूप में सजाया जाएगा। यहां एलईडी स्क्रीन, ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था, रंगीन थीम आधारित कपड़े, पुष्प सज्जा और रंगोली का इस्तेमाल होगा। प्रवेश और निकास द्वारों को भी रामायण के प्रसंगों और भारतीय सांस्कृतिक प्रतीकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

रामनगरी की सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक रचनात्मकता से जोड़ने की तैयारी।

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार दीपोत्सव-2026 में अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक रचनात्मकता के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने बताया कि प्रमुख मार्गों के किनारे रामायण के विभिन्न कांडों और प्रसंगों पर आधारित कलात्मक स्थापनाएं तैयार की जा रही हैं। इनमें प्रमुख प्रसंगों को सरल भाषा में प्रदर्शित करने की योजना है।

इस तरह दीपोत्सव-2026 में अयोध्या की सजावट को केवल दीपों तक सीमित रखने के बजाय रामायण आधारित दृश्य प्रस्तुतियों, कलात्मक स्थापनाओं और प्रकाश सज्जा के जरिए व्यापक सांस्कृतिक स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है।

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