‘जर्सी से वर्दी’ तक पहुंचे 470 खिलाड़ी, रोजगार पर सीएम योगी का सपा पर हमला।
470 खिलाड़ियों को पुलिस की नौकरी, सीएम योगी ने ‘सैफई-सिफारिश’ पर सपा को घेरा।
470 खिलाड़ियों को पुलिस में नौकरी, ‘सैफई या सिफारिश’ के बहाने सीएम योगी का सपा पर हमला।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में रोजगार और युवाओं के मुद्दे को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस में कुशल खिलाड़ी कोटे के तहत चयनित 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने खेल प्रतिभाओं को सरकारी सेवा से जोड़ने की सरकार की नीति गिनाने के साथ समाजवादी पार्टी पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला।
‘अब नौकरी में सिर्फ प्रतिभा और परिश्रम का अधिकार’।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले युवाओं को सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए सिफारिश और प्रभाव की जरूरत पड़ती थी। उन्होंने इसे ‘सैफई या सिफारिश’ के दौर के तौर पर पेश करते हुए दावा किया कि अब भर्ती प्रक्रिया में प्रतिभा और उपलब्धि को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र सरकार की कृपा नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के परिश्रम और पसीने का परिणाम है। 470 नियुक्तियों में 43 उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस, 295 आरक्षी नागरिक पुलिस और 132 आरक्षी पीएसी शामिल हैं।

‘पीडीए’ और ‘एनडीए’ को लेकर सियासी तंज।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए ‘प्रदेश डुबाओ एलायंस’ और एनडीए को ‘नौकरी देंगे एलायंस’ के रूप में परिभाषित किया। यह टिप्पणी उन्होंने अपनी सरकार की रोजगार नीति और विपक्ष की पिछली सरकारों के रिकॉर्ड पर राजनीतिक हमला करते हुए की। योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर युवाओं को लेकर बयान देने के संदर्भ में भी कटाक्ष किया। उन्होंने सपा की तुलना ‘मगरमच्छ के शांति उपदेश’ से करते हुए युवाओं को ऐसी राजनीति से सावधान रहने की बात कही। ये मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोप और टिप्पणी हैं, जिन्हें विपक्ष की ओर से अलग तरीके से देखा जा सकता है।
‘मर्डर से मेडल तक बदली यूपी की पहचान’।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को सरकारी सेवा से जोड़ने के साथ खेल सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने ‘मर्डर और मेडल’ के अंतर का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराध की घटनाएं किसी क्षेत्र की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं, जबकि खिलाड़ियों की उपलब्धियां प्रदेश और देश की पहचान मजबूत करती हैं। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और खेलों से जुड़ने का संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ी नशे के खिलाफ अभियान के प्रभावी ब्रांड एंबेसडर बन सकते हैं। उन्होंने युवाओं में बढ़ते रील कल्चर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि रील में लाइक्स मिल सकते हैं, लेकिन खेल के मैदान में जीवन को नई दिशा मिलती है।
‘जर्सी से वर्दी’ की शुरू हुई यात्रा।
मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पाने वाले खिलाड़ियों से कहा कि खेल के दौरान सीखा अनुशासन, टीम भावना, मेहनत और दबाव में निर्णय लेने की क्षमता पुलिस सेवा में भी उपयोगी होगी। उन्होंने खिलाड़ियों से अपनी खेल प्रतिभा को जारी रखने और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास करते रहने का आह्वान किया। सरकार के अनुसार, वर्ष 2022 से अब तक 950 कुशल खिलाड़ियों की पुलिस में भर्ती हो चुकी है। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने भी कहा कि खेल और पुलिस सेवा में अनुशासन, नेतृत्व, शारीरिक क्षमता तथा दबाव में सही निर्णय लेने जैसी समानताएं हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 2017 के बाद खिलाड़ियों के लिए सरकारी सेवा में सीधे अवसर बढ़ाए गए हैं। उनके मुताबिक, ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले सात खिलाड़ियों को सीधे डिप्टी एसपी के पद पर नियुक्त किया जा चुका है। कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों को खेल के साथ जनसेवा और नशामुक्ति अभियान से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।



