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योगी-हिमंता ने काशी में टेका माथा, काल भैरव से विश्वनाथ मंदिर तक किया पूजन।

बाबा विश्वनाथ के दरबार में योगी-हिमंता, राष्ट्र के सुख-समृद्धि की कामना।

काशी में साथ दिखे योगी-हिमंता, बाबा काल भैरव और विश्वनाथ के दरबार में की पूजा-अर्चना।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार शाम वाराणसी में बाबा काल भैरव और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। दोनों मुख्यमंत्रियों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राष्ट्र की सुख-समृद्धि और लोक कल्याण की कामना की।

पहले काशी के कोतवाल काल भैरव के दरबार पहुंचे दोनों मुख्यमंत्री।

वाराणसी प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा सबसे पहले काशी के कोतवाल कहे जाने वाले बाबा काल भैरव मंदिर पहुंचे। यहां दोनों नेताओं ने विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया और आरती में हिस्सा लिया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच दोनों मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही।

पूजन के दौरान दोनों मुख्यमंत्रियों ने देश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। धार्मिक यात्रा के इस पड़ाव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर में मौजूद बच्चों से भी स्नेहपूर्वक मुलाकात की और उन्हें चॉकलेट दी।

बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह में किया जलाभिषेक।

बाबा काल भैरव के दर्शन के बाद दोनों मुख्यमंत्री श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने गर्भगृह में जाकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन किया और जलाभिषेक किया। इसके बाद षोडशोपचार विधि से पूजन-अर्चन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए पूजन में दोनों नेताओं ने लोक कल्याण और राष्ट्र की समृद्धि की कामना की।

सेवा संकल्प यात्रा के समापन कार्यक्रम से जुड़ा था वाराणसी दौरा।

दोनों मुख्यमंत्रियों का यह काशी दौरा 7 अक्टूबर को आयोजित सेवा संकल्प अभियान के समापन कार्यक्रम के बीच हुआ। रिपोर्टों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर गुजरात के वडनगर से शुरू हुई सेवा संकल्प बाइक यात्रा का समापन वाराणसी में हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और हिमंता बिस्वा सरमा सहित भाजपा के अन्य नेता भी शामिल हुए।

राजनीतिक दृष्टि से भी वाराणसी का यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश और असम के दो मुख्यमंत्रियों की एक साथ मौजूदगी के कारण महत्वपूर्ण रहा। हालांकि, मंदिरों में दोनों नेताओं की गतिविधियां मुख्य रूप से धार्मिक दर्शन और पूजन से जुड़ी रहीं। काशी में बाबा काल भैरव और बाबा विश्वनाथ के दर्शन के साथ उनके वाराणसी प्रवास का यह धार्मिक पक्ष प्रमुख रूप से सामने आया।

आस्था के केंद्रों पर दिखी दोनों मुख्यमंत्रियों की साझा मौजूदगी।

योगी आदित्यनाथ और हिमंता बिस्वा सरमा ने पहले काल भैरव मंदिर और फिर काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान दोनों ने राष्ट्र और समाज के कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री योगी द्वारा मंदिर परिसर में बच्चों को चॉकलेट देने का दृश्य भी इस दौरे का एक उल्लेखनीय हिस्सा रहा।

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