लखनऊ बनेगा AI और डीप-टेक का हब, सीएम योगी ने HCL Tech फेज-2 की रखी आधारशिला।
AI सेमीकंडक्टर और साइबर सिक्योरिटी का केंद्र बनेगा लखनऊ, योगी सरकार का बड़ा टेक प्लान।
HCL Tech के 10वें स्थापना दिवस पर बड़ा ऐलान, 50 AI स्टार्टअप का लक्ष्य; आईटी-आईटीईएस निर्यात को 2.5 लाख करोड़ तक पहुंचाने की तैयारी।

उत्तर प्रदेश की तकनीकी और औद्योगिक विकास नीति को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ को AI, सेमीकंडक्टर, साइबर सिक्योरिटी, कंप्यूटिंग और डीप-टेक टेक्नोलॉजी का प्रमुख केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा है। HCL Tech लखनऊ के 10वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में लखनऊ को भारत की अग्रणी AI इनोवेशन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके तहत कम से कम 50 विश्वस्तरीय AI स्टार्टअप तैयार करने और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़ने वाला इकोसिस्टम विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

HCL Tech के IT City Phase-2 की रखी आधारशिला।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने HCL IT City लखनऊ के फेज-2 की आधारशिला रखी और परियोजना मॉडल का उद्घाटन किया। करीब 500 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाले इस चरण से लगभग छह हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है। इसके साथ ही इमर्जिंग टेक स्किलिंग सेंटर की शुरुआत भी की गई, जहां छात्रों, शिक्षकों, वर्किंग प्रोफेशनल्स और सरकारी अधिकारियों को उभरती तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
लखनऊ में AI इनोवेशन इकोसिस्टम पर जोर।
मुख्यमंत्री ने AI के क्षेत्र में HCL Tech की भागीदारी बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि लखनऊ को केवल IT सर्विसेज का केंद्र बनाने के बजाय AI और डीप-टेक आधारित इनोवेशन का हब बनाने की जरूरत है। HCLTech भी वैश्विक स्तर पर AI, एडवांस्ड AI और तकनीकी कौशल विकास पर अपने कार्यक्रमों का विस्तार कर रहा है।
आईटी-आईटीईएस निर्यात एक लाख करोड़ के पार।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में IT और ITES के जरिए होने वाला निर्यात अब एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। सरकार का लक्ष्य अगले चार वर्षों में इसे 2.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। इसी तरह इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात करीब 3,800 करोड़ रुपये से बढ़कर 45 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया है और वर्ष 2030 तक इसे दो लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि नोएडा और लखनऊ को डीप-टेक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। प्रदेश में IT पार्क और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क के विस्तार के साथ नए तकनीकी निवेश को आकर्षित करने पर जोर है। उत्तर प्रदेश सरकार पहले से ही लखनऊ में AI आधारित इकोसिस्टम और टेक्नोलॉजी निवेश को बढ़ावा देने की योजनाओं पर काम कर रही है।
‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ से ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ तक का जिक्र।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले उत्तर प्रदेश की पहचान कानून-व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जुड़ी थी। उन्होंने दावा किया कि अब प्रदेश की पहचान वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन जैसी योजनाओं से हो रही है।
HCL देगा एक हजार छात्रों को AI ट्रेनिंग।

HCL Tech की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा ने उत्तर प्रदेश को कंपनी की कर्मभूमि और घर बताया। उन्होंने कहा कि HCL स्थानीय कॉलेजों के करीब एक हजार छात्रों के लिए AI प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करेगा। कार्यक्रम में HCL Foundation से जुड़े 57 लाभार्थियों को सम्मानित किया गया, जिनमें पांच लाभार्थियों को मुख्यमंत्री ने मंच पर सम्मानित किया। समारोह में प्रदेश सरकार और HCL Tech के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में कर्मचारी, युवा प्रोफेशनल्स और अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।



