खेल

मुख्यमंत्री ने अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के पदक विजेता खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र और विभिन्न खिलाड़ियों को लक्ष्मण पुरस्कार/रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार वितरित किये

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब युवा शक्ति अनुशासन व कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ती है, तो राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव पड़ती है। इसी महत्वपूर्ण कड़ी को बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार अपने 09 वर्ष के नवनिर्माण के कार्यक्रम के साथ आगे बढ़ रही है। आज कर्तव्यनिष्ठ खिलाड़ियों के सम्मान कार्यक्रम के माध्यम से युवा शक्ति व नारी शक्ति को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह प्रदेश के प्रत्येक युवा व नारी के लिए गौरव का विषय है।

मुख्यमंत्री ने लोक भवन में अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के पदक विजेता खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के उपरान्त इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न खिलाड़ियों को लक्ष्मण पुरस्कार/रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार, अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि का वितरण किया। उन्होंने एकलव्य क्रीड़ा कोष से आर्थिक सहायता राशि खिलाड़ियों के बैंक खातों में अन्तरित की। इस अवसर पर प्रदेश में खेल संवर्धन हेतु किये गये उल्लेखनीय कार्यां पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी। मुख्यमंत्री जी ने सभी को वासन्तीय नवरात्रि और रामनवमी की बधाई और शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वासन्तीय नवरात्रि के अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा अन्तरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र वितरित किये जा रहे हैं। अपने खेल से प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को वीरवर लक्ष्मण पुरस्कार व रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। वीरवर लक्ष्मण जी समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन के प्रतीक हैं। रानी लक्ष्मीबाई नारी गरिमा, नारी स्वावलम्बन और नारी के तेज का प्रतीक हैं। सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई ने झाँसी को पराधीनता से मुक्त कराने के लिए संघर्ष किया था। उस समय उनकी उम्र मात्र 26 वर्ष थी। उन्होंने तेजस्विता के साथ विदेशी हुकूमत की नींव हिलाने का कार्य किया था। भारतीय नारी उसी स्वावलम्बन, साहस व नेतृत्व की प्रतीक हैं। इसलिए खेल की किसी भी विधा में विशिष्ट प्रदर्शन करने के लिए उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार प्रदान किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरवर लक्ष्मण और रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार राशि को बढ़ाए जाने का समय आ गया है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि अगले वर्ष से इसे 03 लाख 11 हजार रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया जाए। विभाग शीघ्र ही इस सम्बन्ध में अपना प्रस्ताव शासन को प्रेषित करे, जिससे यह कार्य आगे बढ़ सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वासन्तीय एवं शारदीय नवरात्रि के माध्यम से हम वर्ष में दो बार नवरात्रि के आयोजन से जुड़ते हैं। यह दोनों आयोजन भारत की मातृशक्ति, सनातन परम्परा के प्रति समर्पण व श्रद्धा का प्रतीक हैं। इन 09 दिनों में हम जगत जननी माँ भगवती का अनुष्ठान करते हैं तथा उनके अलग-अलग रूपों की पूजा करते हैं। यह उपासना इस बात का प्रतीक है कि जो समाज नारी शक्ति के प्रति सम्मान का भाव रखेगा, वह अपने सतत् विकास अभियान को आगे बढ़ाने के साथ ही लम्बे समय तक स्वयं के वजूद को बनाये रख सकेगा। ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता’ अर्थात जहाँ नारी की पूजा व सम्मान होता है, वहाँ स्वतःस्फूर्त भाव से दैवीय शक्तियों की कृपा बरसती है। नारी सम्मान, नारी गरिमा की रक्षा और उनके स्वावलम्बन के लिए कोई प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना समृद्धि की नई कड़ी को आगे बढ़ाने जैसा ही है।

उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ की आबादी केवल जनसंख्या ही नहीं, बल्कि भारत की युवा शक्ति का महत्वपूर्ण केन्द्र बिन्दु भी है। यहाँ की 56 प्रतिशत युवा शक्ति प्रदेश की ताकत है। यह कामकाजी वर्ग है, जो अपने परिश्रम से प्रदेश की खाद्यान्न विकास दर को 08 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत तक पहुँचाता है। यह युवा शक्ति अवसर मिलने पर उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से उबारकर भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेक-थ्रू स्टेट बनाती है। यही युवा शक्ति उत्तर प्रदेश को रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित कर भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बना देती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवा को उचित प्लेटफॉर्म मिलता है, तो वह ओलम्पिक व पैरा-ओलम्पिक जैसी अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत को मेडल दिलाने का कार्य करता है। वर्ष 2014 के उपरान्त प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश में एक नई खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया। प्रदेश सरकार ने भारत के प्राचीन खेलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री जी के सभी अभियानों को अंगीकार किया है। ‘खेलो इण्डिया’, ‘फिट इण्डिया मूवमेण्ट’ के माध्यम से खेल व खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया गया। सांसद खेलकूद प्रतियोगिताओं ने देश में खेलों को नये आयाम दिए। वर्ष 2017 के उपरान्त राज्य सरकार विधायक खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से इससे जुड़ी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 09 वर्षों में प्रदेश सरकार ने खिलाड़ियों के सम्मान के साथ उनको 200 करोड़ रुपये धनराशि विभिन्न पुरस्कार व इन्सेण्टिव के रूप में प्रदान किये हैं। इसके माध्यम से कबड्डी, कुश्ती, खो-खो सहित भारत की समृद्ध खेल परम्परा को आगे बढ़ाने का कार्य किया गया है। यह प्राचीन काल से हमारे गुरुकुलों के पाठ्यक्रम व आश्रमों की दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में ब्लॉक स्तर पर खेलो इण्डिया के केन्द्र स्थापित हो रहे हैं। राज्य सरकार ने ग्रामीण लीग की नयी खेल परम्परा को आगे बढ़ाया है। आज गाँव में खेल के मैदान दिखायी देते हैं। हर उम्र का व्यक्ति इन मैदानों में जाकर खेल गतिविधियों का हिस्सा बन सकता है। ग्राम पंचायतों के विकास के लिए उपलब्ध करायी जाने वाली धनराशि से प्राथमिकता के आधार पर खेल के मैदान और ओपेन जिम के निर्माण कार्य कराए जाने के लिए कहा जाता है। विकास खण्ड स्तर पर एक मिनी स्टेडियम के निर्माण के लिए बजट में प्राविधान किया गया है।सांसद व विधायकगण से भी उनकी निधि का उपयोग खेल अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए किए जाने का आग्रह किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी विधायक निधि से गोरखपुर जनपद में एक इनडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण के लिए धनराशि दी है। वहाँ अनेक खेल गतिविधियाँ संचालित होती रहती हैं। अनेक बच्चे स्पोर्ट्स गतिविधियों से जुड़े हैं और अपनी रचनात्मकता को आगे बढ़ा रहे हैं। सरकार ने जनपद स्तर पर एक अच्छे स्टेडियम के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया है। जनपद मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण हो चुका है। आगामी मई या जून माह में इसका उद्घाटन किया जाएगा। गत वर्ष इस यूनिवर्सिटी में पाठ्यक्रम प्रारम्भ हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर मण्डल स्तर पर एक-एक स्पोर्ट्स कॉलेज के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। इन्हें किसी एक खेल के लिए सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे अहमदाबाद में वर्ष 2030 में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के शताब्दी वर्ष में प्रदेश के खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अभी से तराश सकेंगे। जब अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स अपने शताब्दी वर्ष में आयोजित हो रहा होगा, तब उत्तर प्रदेश का खिलाड़ी देश को लीड कर रहा होगा। उस समय यह स्पोर्ट्स कॉलेज और सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस अपना बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे होंगे।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, स्पोर्ट्स कॉलेजेज और यह सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस वर्ष 2036 के ओलम्पिक के आयोजन में भारत की दावेदारी को मजबूत करेंगे। भारत में ओलम्पिक के आयोजन होने पर हम देश के लिए अधिक से अधिक मेडल ला सकेंगे। उत्तर प्रदेश के युवा भी इसमें अपना योगदान दे सकें, इसके लिए हमने विभिन्न कार्य प्रारम्भ किए हैं। इनमें खिलाड़ियों को दिए जाने वाले इन्सेंटिव में वृद्धि, स्पोर्ट्स कॉलेज और स्पोर्ट्स हॉस्टल में रह रहे खिलाड़ियों की लॉजिंग व फूडिंग की सुविधाओं को बेहतर किया जाना शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर एक मेडल की अपनी एक कहानी होती है। यह  कहानी केवल खिलाड़ी के भाग्य की नहीं होती, बल्कि उसके पीछे उनका संघर्ष, अनुशासन, दृढ़ संकल्प और कभी हार न मानने का जज़्बा होता है। टैलेण्ट से आप शुरुआत कर सकते हैं, लेकिन आपकी मेहनत ही आपको लक्ष्य तक पहुँचाती है। जितना पसीना बहेगा, जीत उतनी ही आपके निकट आएगी। खेल हमें गिरना, उठना और फिर जीतना सिखाता है। जो गिरेगा वही उठेगा और जो उठेगा वही जीतेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरना, उठना और फिर लक्ष्य को प्राप्त करना, यह खेल का हिस्सा है। यह बात हर खेल पर लागू होती है। वॉलीबॉल के खेल में भी हम कोशिश करते हैं कि बॉल नीचे न गिरे और समय आने पर हम ऐसा शॉट खेलें कि जीत हमारे पक्ष में हो। यही कार्य हम बैडमिण्टन में भी करते हैं। हम प्रयास करते हैं कि शटल कॉक नीचे न गिरे। जैसे ही हमें अवसर मिलता है, हमारा शॉट इतना तीव्र होता है कि वह हमें विजय की ओर ले जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान में ‘काइज़ेन’ तथा ‘मोनोजुकरी’ यह 02 शब्द अक्सर प्रयोग होते हैं। ‘काइज़ेन’ का मतलब है निरन्तर सुधार तथा ‘मोनोजुकरी’ का अर्थ है उत्कृष्ट निर्माण कला। हर कार्य में निरन्तर सुधार की गुंजाइश होती है। साथ ही, हमें हमेशा अपना उत्कृष्ट करने का प्रयास करना चाहिए। यह दोनों शब्द हमें अपने लक्ष्य तक पहुँचने में मदद करते हैं। भारतीय ऋषि परम्परा ने भी इसके लिए ‘योगः कर्मशु कौशलम्’ अर्थात हर कार्य में कुशलता का मंत्र दिया है। यह योग ही आपके संयोग को बढ़ाने में मदद करेगा। इसके लिए हमें निरन्तर अपनी खेल गतिविधियों में सुधार करने का प्रयास करना चाहिए तथा अपनी चूक और अपनी अच्छाइयों के बीच संतुलन बनाते हुए इसे और बेहतर करना चाहिए। यह हमारे खेल को उत्कृष्टता की नई ऊंचाई तक पहुंचाने में अपना योगदान देगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था, जब खिलाड़ियों में प्रतिभा तो थी, लेकिन उनके पास प्लेटफॉर्म नहीं थे। खेल के मैदान भी नहीं थे। जो थे, उनपर भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया था। खेल के लिए बजट का पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था।  खेल पूरी तरह उपेक्षित क्षेत्र था। वर्ष 2014 में खेल, केन्द्र सरकार के एजेण्डे का हिस्सा बना। इसी तरह उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद खेल व खिलाड़ियों का विकास प्राथमिकता का हिस्सा बना। आज हमारा खेल बजट कई गुना बढ़ा है। हम खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएँ उपलब्ध करा रहे हैं। पुराने खिलाड़ियों को कोच के रूप में नियुक्त कर रहे हैं, जिससे उनके अनुभव का लाभ वर्तमान पीढ़ी को मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर और खेल सुविधाओं को हमने बेहतरीन करने का काम किया है। प्रदेश में अवसर भी है, संसाधन भी है और खिलाड़ियों में प्रतिभा भी है। इस दिशा में सरकार के स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। ओलम्पिक गेम्स (एकल वर्ग) में गोल्ड मेडल जीतने पर 06 करोड़ रुपये, सिल्वर मेडल जीतने पर 04 करोड़ रुपये तथा ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर 02 करोड़ रुपये की धनराशि राज्य सरकार के स्तर पर खिलाड़ियों को उपलब्ध करायी जाती है। इसी तरह एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, वर्ल्ड चैम्पियनशिप तथा सैफ गेम्स में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर खिलाड़ियों को राज्य सरकार के स्तर पर सहायता उपलब्ध करायी जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। खिलाड़ियों को वीरवर लक्ष्मण पुरस्कार और रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाता है। एकलव्य क्रीड़ा कोष के माध्यम से खिलाड़ियों की सहायता की जाती है। उत्तर प्रदेश, देश का पहला राज्य है, जिसने  सरकारी सेवाओं में खिलाड़ियों को नौकरी में प्राथमिकता दी है। अब तक हम 500 से अधिक खिलाड़ियों को पुलिस विभाग में अलग-अलग पदों पर नियुक्ति प्रदान कर चुके हैं। हमने वर्ष 2020 के ओलम्पिक खेलों में पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा रहे श्री ललित कुमार उपाध्याय को डिप्टी एस0पी0 के रूप में पहले ही नियुक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राजकुमार पाल तथा प्रवीन कुमार (पैरा एथलेटिक्स) को भी डिप्टी एस0पी0 के रूप में नियुक्ति पत्र दिया गया है। श्री अजीत सिंह (पैरा एथलेटिक्स) तथा सुश्री सिमरन (पैरा एथलेटिक्स) को जिला पंचायतराज अधिकारी के रूप में नियुक्ति पत्र दिया गया है। प्रीति पाल (पैरा एथलेटिक्स) को  ब्लॉक डेवलपमेण्ट ऑफिसर का नियुक्ति पत्र दिया गया है। रिंकू सिंह (क्रिकेट) को क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी के रूप में नियुक्ति पत्र जारी किया गया है। वह पहले से ही किसी अन्य कार्यक्रम में शामिल होने के कारण यहाँ मौजूद नहीं हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहाँ वीरवर लक्ष्मण पुरस्कार और रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से भी खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया है। उत्तम सिंह (हॉकी), अभिजीत कुमार (जिम्नास्टिक्स), जोन्टी कुमार (कुश्ती), यश कुमार (पैरा कैनोइंग) तथा प्रवीन कुमार (पैरा एथलेटिक्स) को वीरवर लक्ष्मण पुरस्कार प्रदान किया गया है। सुश्री प्राची (एथलेटिक्स), तान्या चौधरी (एथलेटिक्स) तथा प्रगति केसरवानी (पैरा टेबल टेनिस) को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

विभिन्न अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए भी सरकार ने आज यहाँ धनराशि जारी की है। इनमें श्री विनय कुमार (पैरा पावर लिफ्टिंग) ने इजिप्ट में वर्ष 2025 में आयोजित वर्ल्ड पैरा पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। इन्हें 40 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई है। वुशू खिलाड़ी श्री विक्रान्त बालियान को चीन में आयोजित 10वीं एशियन वुशू चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल तथा शूटिंग खिलाड़ी श्री सागर दांगी को इजिप्ट में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने पर 15-15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतारोही श्री दीपक कुमार ने नेपाल में 8848.86 मीटर चोटी पर चढ़ने में सफलता प्राप्त की है। इसके लिए इन्हें 15 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है। इसी प्रकार, सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी सुश्री तनुश्री पाण्डेय को पदक जीतने के लिए सम्मानित किया गया है। हॉकी खिलाड़ी राजकुमार पाल को हॉकी में स्वर्ण पदक प्राप्त होने पर यह राशि उपलब्ध गई है। पैरा कैनोइंग खिलाड़ी यश कुमार को पोलैण्ड में आयोजित पैराकैनोइंग वर्ल्ड कप में ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त करने पर पुरस्कार राशि दी गई है। इसी प्रकार खिलाड़ी अभय सिंह और श्रवण कुमार के अकाउण्ट में भी डी0बी0टी0 के माध्यम से पुरस्कार राशि अन्तरित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में बेहतरीन अवसर मौजूद हैं। ‘देश में चौका और छक्का कहीं भी लगे, लेकिन वह बैट उत्तर प्रदेश के मेरठ में ही बना होता है।’ यह प्लेटफॉर्म भी उत्तर प्रदेश ने दिया है। इससे जनपद और राज्य को लोकल से ग्लोबल की पहचान प्राप्त हो रही है। इस पहचान को आगे बढ़ाने के लिए हमने सभी कार्यों को लगातार आगे बढ़ाया है। उत्तर प्रदेश ने इस दिशा में जो भी कार्य किए हैं, इन्हें मजबूती के साथ आगे बढ़ाने में सभी खिलाड़ियों को भी अपना योगदान देना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल मेडल जीतने के साथ-साथ देश की सामर्थ्य को प्रस्तुत करने का भी एक माध्यम है। जब हमारी प्रतिभाएँ अपने टैलेण्ट को परिश्रम में बदलकर बेहतरीन प्रदर्शन करती हैं, तो उससे देश का गौरव बढ़ता है। दुनिया में देश के बारे में एक नयी जिज्ञासा उत्पन्न होती है। आप सभी खिलाड़ियों के कारण यह अवसर उत्तर प्रदेश सहित भारत को प्राप्त होता है। इसीलिए आज का यह कार्यक्रम आपके सम्मान के लिए आयोजित किया गया है कि आप आगामी प्रतियोगिताओं के लिए स्वयं को तैयार कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के खेल सचिव एक ओलम्पियन हैं। उन्होंने ओलम्पिक में कई मेडल जीते हैं। वह खेल के बारे में रुचि भी लेते हैं और खेल व खेलकूद की गतिविधियों को आगे भी बढ़ाते हैं। इसी प्रकार खेल निदेशक भी भारतीय हॉकी टीम को लीड कर चुके हैं। तात्पर्य यह है कि जब उस फील्ड से जुड़ा हुआ व्यक्ति वहां काम करता है, तो सभी चीजें व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ती हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का आह्वान करते हुए कहा कि वह सभी आगे बढ़ें, अनुशासित जीवनचर्या अपनाएँ। परिश्रम की पराकाष्ठा से देश के लिए पदक जीतें। राज्य सरकार आपका पूरा सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।

खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन व मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में खेल और खिलाड़ियों के लिए केन्द्र व प्रदेश सरकार लगातार बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, कोचिंग, आर्थिक मदद तथा खेल सम्बन्धी सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है।

कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ी सिमरन तथा उत्तम सिंह ने प्रदेश में खेल एवं खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए किये जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य डॉ0 महेन्द्र कुमार सिंह, इंजी0 अवनीश कुमार सिंह, लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक जय देवी, डॉ0 राजेश्वर सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, खेल सचिव सुहास एल0वाई0, खेल निदेशक आर0पी0 सिंह तथा खिलाड़ी उपस्थित थे।

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