मुख्यमंत्री ने निवेश मित्र 3.0 का शुभारम्भ किया, निवेशकों को इन्सेन्टिव, एल0ओ0सी0, पात्रता प्रमाण पत्र प्रदान किये

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लोक भवन में निवेश मित्र 3.0 का शुभारम्भ किया और निवेशकों को इन्सेन्टिव, लेटर ऑफ कम्फर्ट (एल0ओ0सी0), पात्रता प्रमाण पत्र प्रदान किये। उन्होंने ‘उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025‘ तथा डिजाइन-बिल्ड-फाइनेंस-ऑपरेट-ट्
ज्ञातव्य है कि कार्यक्रम के माध्यम से 2,781.11 करोड़ रुपये का इन्सेन्टिव निवेशकों के बैंक खातों में अन्तरित किया गया। निवेशकों को 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश हेतु 85 लेटर ऑफ कम्फर्ट (एल0ओ0सी0) एवं पात्रता प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये। मुख्यमंत्री के समक्ष कौशल कनेक्ट सेल तथा इण्टरप्रेन्योरशिप डेवलपमेण्ट सेल से सम्बन्धित एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि निवेशकों का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूँजी है। निवेशकों ने प्रदेश की डबल इंजन सरकार पर विश्वास किया है। इस विश्वास पर खरा उतरने के लिए राज्य सरकार ने निवेशकों को उनके अनुकूल वातावरण दिया, जिससे उत्तर प्रदेश देश में निवेश का ड्रीम डेस्टिनेशन बन गया है। इस विश्वास पर खरा उतरने के लिए टीम यू0पी0 ने जो परिश्रम व प्रयास किये हैं, उसके परिणाम हम सबको प्रत्येक स्तर पर देखने को मिल रहे हैं। प्रदेश में वर्ष 2012 से वर्ष 2017 के बीच कुल 16 एल0ओ0सी0 जारी की गयी थीं। वहीं वर्ष 2017 के बाद राज्य सरकार ने 3,367 एल0ओ0सी0 जारी की हैं। इस प्रकार हमारी सरकार ने 3,351 एल0ओ0सी0 अधिक प्रदान की हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब एन0सी0आर0 में ही नहीं, बल्कि बुन्देलखण्ड, पूर्वी, पश्चिमी व मध्य उत्तर प्रदेश सहित अलग-अलग जनपदों में निवेश हो रहा है। निवेश के लिए कहीं कोई समस्या नहीं है। आज यहां लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी होने के साथ-साथ अनेक निवेशकों के साथ नये निवेश कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में सफलता प्राप्त हुई है। इसके अन्तर्गत मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, सीमेण्ट, बायोप्लास्टिक, आयरन एण्ड स्टील, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं अन्य सेवाओं से सम्बन्धित कुल 50 हजार करोड़ रुपये के 85 लेटर ऑफ कम्फर्ट और उससे जुड़े एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट्स आज यहां निवेशकों को प्रदान किये गये हैं, जिनके माध्यम से 50 हजार नौजवानों के लिए रोजगार की सम्भावना बनेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप ‘ईज ऑफ डूइंग’ बिजनेस के अन्तर्गत प्रदेश में ऐसा वातावरण दिया जा रहा है, जहां कोई निवेशक बिना किसी हस्तक्षेप के अपना निवेश कर सके। आज उसी भावना के अनुरूप सिंगल विण्डो सिस्टम के अन्तर्गत निवेश मित्र 3.0 को लॉन्च किया गया है। इसमें सीमलेस, ट्रांसपेरेण्ट एण्ड प्रेडिक्टेबल अनुभव को सुदृढ़ करने वाला प्लेटफॉर्म प्रस्तुत किया गया है। इसमें 43 से अधिक विभागों की 530 से अधिक सेवाओं को एक साथ समेकित कर 200 से कम सेवाओं तक सीमित किया गया है। निवेश मित्र 3.0 के माध्यम से इन्वेस्टर जर्नी को आवेदन एवं अनुमोदनों से ग्राउण्डिंग और वाणिज्यिक उत्पादन तक ‘एण्ड-टू-एण्ड’ ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश मित्र 3.0 में पैन-बेस्ड सिंगल बिजनेस यूजर आई0डी0, डायनेमिक कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म, नो योर अप्रूवल/इन्सेण्टिव्स, ए0आई0- इनेबल्ड चैटबॉट, ऑटोमेटेड अलर्ट्स, रियल टाइम डैशबोर्ड और सभी प्रमुख सेवाएं निर्धारित समय सीमा के अंदर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। सभी प्रकार की समस्याओं के समाधान हेतु इसे नेशनल सिंगल विण्डो सिस्टम, आई0जी0आर0एस0, निवेश सारथी और जी0आई0एस0-बेस्ड लैण्ड बैंक एण्ड इण्डस्ट्रियल लैण्ड बैंक पोर्टल के साथ पूर्ण रूप से इण्टीग्रेट किया है। इसके माध्यम से एक यूनिफाइड डिजिटल ईको-सिस्टम का निर्माण होगा। प्रदेश में बिजनेस अनुकूल वातावरण देने के लिए प्रदेश सरकार ने इस व्यवस्था को आगे बढ़ाने का कार्य किया है।
वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश में निवेशक निवेश करने में हिचकते थे। वर्ष 2017 के उपरान्त प्रदेश सरकार ने अपराध एवं अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी, जो आज भी जारी है। जीरो टालरेंस के साथ प्रत्येक सेक्टर में जीरो करप्शन की पॉलिसी सख्ती से लागू करने के परिणाम सबके सामने हैं। आज प्रदेश में निवेश करने के लिए निवेशक स्वयं अपनी इच्छा जाहिर करते हैं।
मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि आज जो एम0ओ0यू0 हुए हैं, उसे इन्वेस्टमेण्ट के लिए ग्राउण्ड ब्रेकिंग कराने की दिशा में सुलभ वातावरण प्रदान करें। उद्यमियों के विश्वास पर खरा उतरना हमारे लिए बहुत मायने रखता है। उन्होंने निवेशकों से निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रदेश में बिजनेस को आगे बढाएं। यहां किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी। प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में वर्क फोर्स उपलब्ध है, जो स्किल्ड भी है और सस्ता भी है। निवेशकां को उत्तर प्रदेश में कंज्यूमर बेस्ड वातावरण मिल रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग केवल इन्वेस्टमेण्ट नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार प्रदान करने का माध्यम भी हैं। उद्यमी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। हमें उनका सम्मान, सपोर्ट तथा उनकी निवेश से सम्बन्धित समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उद्यमियों को नजरअंदाज कर विकास नहीं किया जा सकता। एक उद्यमी जब निवेश करता है, तो हजारों परिवारों को दो जून की रोटी मिलती है। जब एक उद्योग बन्द होता है, तो हजारों लोगों की आजीविका पर संकट उत्पन्न होता है। व्यापार एवं उद्योग जगत को यदि कोई परेशान करता है तो तत्काल सम्बन्धित अधिकारी को कार्यवाही के लिए निर्देशित किया जाता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग इमर्जिंग सेक्टर है। फूड प्रोसेसिंग में सबसे अधिक सम्भावनाएं हैं, क्योंकि उत्तर प्रदेश भारत का फूड बास्केट कहा जाता है। बीच के कालखण्ड में किसान पलायन व आत्महत्या के लिए मजबूर था। स्थितियां बहुत खराब थी। उत्तर प्रदेश में देश की 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि है जिससे देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन का 21 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। खाद्यान्न उत्पादन को वैल्यू एडिशन के साथ जोड़ते हुए फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से अन्नदाता किसानों को अधिक लाभांश और नौजवानों को रोजगार दिलाने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमलेस कनेक्टिविटी के साथ बिजनेस का अच्छा वातावरण देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में निवेशकों के लिए अपार सम्भावनाएं हैं। उत्तर प्रदेश में दुनिया का सबसे अच्छा डेमोग्राफिक डिविडेंड मौजूद है। 75 हजार एकड़ का लैण्ड बैंक उत्तर प्रदेश के पास है।
देश के कुल एक्सप्रेस-वे में 55 प्रतिशत हिस्सेदारी उत्तर प्रदेश की है। गंगा एक्सप्रेस-वे अगले माह तैयार हो जाएगा, तब यह हिस्सेदारी 60 प्रतिशत हो जाएगी। आज प्रदेश में 16 डोमेस्टिक और 04 इण्टरनेशनल एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। प्रधानमंत्री के कर-कमलों से देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर का आगामी 28 मार्च को उद्घाटन होने वाला है। यह एयरपोर्ट भारत में कार्गो व लॉजिस्टिक्स का सबसे बड़ा हब बनने वाला है। हम जेवर में एयरक्राफ्ट मेण्टेनेंस, रिपेयर एण्ड ओवरहॉलिंग की फैसिलिटी देने जा रहे हैं।
देश का पहला इनलैण्ड वॉटर-वे उत्तर प्रदेश के पास है, जो वाराणसी को हल्दिया से जोड़ता है। प्रदेश के 07 शहरों में मेट्रो का संचालन किया जा रहा है, जो देश में सर्वाधिक है। राज्य की इण्टरस्टेट व इण्टरनेशनल कनेक्टिविटी 04-लेन हो चुकी है। जिला मुख्यालय 04-लेन तथा तहसील व ब्लॉक मुख्यालय 02-लेन के साथ जुड़ चुके हैं।
बीते दिवस कैबिनेट की बैठक में राजस्व विभाग की धारा-80 से सम्बन्धित एक बिल पास किया गया है, जिसमें यह व्यवस्था की गयी है कि इण्डस्ट्री का मास्टरप्लान ही लैण्ड यूज़ का सर्टिफिकेट होगा। अगर किसी का नक्शा पास हो गया है, तो यह आवश्यक नहीं कि अब वह लैण्ड यूज़ चेंज कराए। धारा-80 से सम्बन्धित हस्तक्षेप को कम करने का कार्य किया गया है।
प्रदेश को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के एक नए हब के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य प्रारम्भ किये गये हैं। कैबिनेट द्वारा उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025 को स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसके अन्तर्गत सरकार की भूमि होगी। निवेशक अपना इन्वेस्टमेंट करें और फिर उसे ‘प्लग एण्ड प्ले‘ मोड पर आगे बढ़ाने का कार्य करें। यह रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल होगा। इसके अन्तर्गत नियमानुसार सरकार तथा निवेशक अपना-अपना पैसा प्राप्त करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के सामने स्वयं के अस्तित्व का संकट खड़ा है, अव्यवस्था तथा अराजकता है, तब भारत व उत्तर प्रदेश में निवेश तथा बिजनेस की सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने का सुखद वातावरण है। निवेशकों को 2,781 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी का वितरण किया जा रहा है। आई0टी0 एण्ड इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की 04 परियोजनाओं के साथ 73 करोड़ की सब्सिडी तथा फूड प्रोसेसिंग की 10 परियोजनाओं में 20 करोड़ रुपये की सब्सिडी का वितरण किया जा रहा है। फिजिक्स वाला द्वारा युवाओं को कम्पटीशन के लिए तैयार करने के साथ-साथ जनपद गौतमबुद्धनगर में डिजिटल यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को श्री रामनवमी की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उद्यमियों को समर्पित यह कार्यक्रम विकसित उत्तर प्रदेश बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। डबल इंजन सरकार के प्रयासों से आज उत्तर प्रदेश में निवेश फ्रेण्डली वातावरण निर्मित हुआ है, जबकि वर्ष 2017 से पूर्व निवेशक उत्तर प्रदेश में आने से डरते थे। विगत 09 वर्षां में प्रदेश की कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त हुई है। राज्य में निवेश और निवेशक दोनों सुरक्षित हैं। राज्य में वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। निवेशकों को प्रोत्साहित करने वाली नीतियां क्रियाशील हैं। उत्तर प्रदेश, भरोसेमन्द उत्तर प्रदेश बन चुका है। आज दुनिया में उत्तर प्रदेश की सकारात्मक छवि स्थापित हुई है।
औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश हो रहे हैं। विगत 09 वर्षां में उत्तर प्रदेश का औद्योगिक परिवेश फर्श से अर्श पर आया है। हमने आधुनिक तकनीक के माध्यम से निवेश प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और टाइम बाउण्ड बनाया है। इससे भ्रष्टाचार को रोकने में सफलता प्राप्त हुई है और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आयी है। निवेश मित्र 3.0 पोर्टल उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति को बढ़ाने तथा उद्यमियों की समस्याओं का निराकरण करने में लाभदायक सिद्ध होगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश भारत के कुल मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का लगभग 55 प्रतिशत तथा मोबाइल कम्पोनेन्ट मैन्युफैक्चरिंग का लगभग 65 प्रतिशत तैयार करता है। इससे उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चैन की रीढ़ बन चुका है। प्रदेश की इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की यात्रा केवल मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इनोवेशन और डिजाइन में भी विस्तार हो रहा है।
कार्यक्रम में कौशल कनेक्ट सेल तथा इण्टरप्रेन्योर डेवलपमेण्ट सेल के गठन तथा निवेश मित्र 3.0 पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।
इस अवसर पर औद्योगिक विकास राज्य मंत्री जसवन्त सिंह सैनी, अवस्थापना और औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्यान बी0एल0 मीणा, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार, सलाहकार मुख्यमंत्री अवनीश कुमार अवस्थी सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा निवेशकगण उपस्थित थे।



