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अखिलेश के अयोध्या दौरे पर ब्रजेश पाठक का वार, राम मंदिर दर्शन को लेकर उठाए सवाल।

अयोध्या दौरे के बीच गरमाई यूपी की सियासत, ब्रजेश पाठक ने अखिलेश पर लगाए वोट पॉलिटिक्स के आरोप।

अखिलेश के अयोध्या दौरे पर ब्रजेश पाठक का हमला, बोले- ‘सपा को सनातन संस्कृति से कोई लेना-देना नहीं’।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की राजनीति सनातन संस्कृति से जुड़ी नहीं है और पार्टी केवल वोट की राजनीति करती है। अखिलेश यादव 8 अक्टूबर को अयोध्या में पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के यहां आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। उनके निर्धारित कार्यक्रम में राम मंदिर दर्शन शामिल नहीं था।

राम मंदिर दर्शन को लेकर अखिलेश पर निशाना।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि अयोध्या जाकर भी अखिलेश यादव राम मंदिर नहीं गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख अल्पसंख्यक मतदाताओं को नाराज करने से बचने के लिए राम मंदिर जाने से परहेज कर रहे हैं। हालांकि, यह ब्रजेश पाठक का राजनीतिक आरोप है। अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे का घोषित कार्यक्रम श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने का था।

डिप्टी सीएम ने समाजवादी पार्टी पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए राम मंदिर आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कारसेवकों से जुड़े पुराने घटनाक्रम को लेकर सपा नेताओं की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं। पाठक ने इसी राजनीतिक संदर्भ को आधार बनाकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा और सपा से कारसेवकों से माफी मांगने की बात कही।

एसआईटी और चुनाव आयोग के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा।

ब्रजेश पाठक ने एसआईटी से जुड़े विवाद और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव में जीत मिलने पर निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल नहीं उठाता, लेकिन हार की स्थिति में चुनाव प्रक्रिया और आयोग को निशाना बनाता है। उनका कहना था कि अलग-अलग राज्यों में विपक्षी दलों की जीत के बाद निर्वाचन आयोग पर इसी तरह के सवाल नहीं उठाए गए।

2027 चुनाव को लेकर सपा पर राजनीतिक हमला।

आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी डिप्टी सीएम ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि 2027 में सपा की स्थिति खराब होने वाली है और इसी वजह से विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। यह ब्रजेश पाठक का राजनीतिक दावा है, जिसे स्वतंत्र चुनावी आकलन के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे के साथ ही राम मंदिर, सनातन संस्कृति और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे एक बार फिर उत्तर प्रदेश की सियासत के केंद्र में हैं। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और सपा के बीच इन मुद्दों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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