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अखिलेश-राहुल पर BJP MLC का हमला, बोले- ‘दोनों राजकुमार एक-दूसरे को बर्दाश्त नहीं कर सकते’।

‘परिवारतंत्र पर भरोसा करते हैं राहुल-अखिलेश’, BJP MLC सुभाष यदुवंश का विपक्ष पर हमला।

अखिलेश-राहुल पर BJP MLC सुभाष यदुवंश का तीखा हमला, बोले- ‘दोनों राजकुमार एक-दूसरे को बर्दाश्त नहीं कर सकते’।

भारतीय जनता पार्टी के विधान परिषद सदस्य सुभाष यदुवंश ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने दोनों नेताओं को ‘राजकुमार’ बताते हुए परिवारवाद और नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए। यदुवंश ने इंडी गठबंधन की बैठक में अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी का जिक्र करते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच तालमेल को लेकर भी तंज कसा।

इंडी गठबंधन की बैठक में अखिलेश की गैरमौजूदगी पर साधा निशाना।

सुभाष यदुवंश ने दावा किया कि दिल्ली में हुई इंडी गठबंधन की बैठक में अखिलेश यादव को आमंत्रित नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के लखनऊ लौटने के बाद उनके पास राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले एक व्यक्ति का फोन आया। भाजपा नेता ने इस घटनाक्रम को विपक्षी गठबंधन के भीतर समन्वय की कमी से जोड़ते हुए कांग्रेस और सपा के संबंधों पर सवाल उठाए।

अक्टूबर की शुरुआत में भी अखिलेश यादव की इंडी गठबंधन की एक बैठक से गैरमौजूदगी को लेकर भाजपा ने निशाना साधा था। उस बैठक में एसआईआर और ईवीएम से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों के नेताओं के शामिल होने की बात सामने आई थी।

‘चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए दोनों राजकुमार’।

यदुवंश ने अपने बयान में अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर परिवार आधारित राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच आपसी समन्वय और टीम भावना की कमी है। भाजपा MLC ने दावा किया कि दोनों नेता सत्ता की राजनीति के लिए एक-दूसरे को बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती उत्तर प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधा। यदुवंश ने आरोप लगाया कि उस समय सपा के भीतर लंबे समय तक पारिवारिक विवाद सार्वजनिक मंचों पर दिखाई देता रहा और इसका असर प्रदेश की राजनीति पर पड़ा।

राहुल गांधी के 2013 के अध्यादेश विवाद का किया जिक्र।

भाजपा नेता ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए 2013 के उस विवाद का भी उल्लेख किया, जब तत्कालीन यूपीए सरकार दोषी सांसदों और विधायकों की तत्काल अयोग्यता से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले के प्रभाव को बदलने के लिए अध्यादेश लाई थी। राहुल गांधी ने उस समय प्रेस कॉन्फ्रेंस में अध्यादेश को ‘पूरी तरह बकवास’ बताते हुए इसे फाड़कर फेंक देने की बात कही थी। हालांकि, उपलब्ध फैक्ट-चेक के अनुसार उन्होंने अध्यादेश की प्रति वास्तव में सार्वजनिक रूप से नहीं फाड़ी थी।

वोट और नेतृत्व को लेकर भी BJP नेता का हमला।

सुभाष यदुवंश ने अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर परिवारतंत्र और राजतंत्र में विश्वास करने का आरोप लगाया। उन्होंने मतदाताओं से जुड़े अपने राजनीतिक दावे में कहा कि ऐसे नेताओं पर भरोसा करना बच्चों के भविष्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। भाजपा नेता के इन बयानों के बीच राजनीतिक बहस एक बार फिर कांग्रेस, सपा और इंडी गठबंधन के आपसी तालमेल तथा परिवारवाद के मुद्दे पर केंद्रित होती दिखाई दे रही है। हालांकि, अखिलेश यादव और राहुल गांधी की ओर से इन आरोपों पर इस खबर के आधार पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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