यूपी में मिशन शक्ति अभियान का दायरा बढ़ा, 99 हजार से अधिक गांवों और वार्डों तक पहुंची महिला बीट पुलिस।
मिशन शक्ति फेज-5: 38.64 लाख लोगों की चेकिंग, 6,276 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी।
मिशन शक्ति अभियान: यूपी के 99 हजार से अधिक गांवों और वार्डों तक पहुंची महिला बीट पुलिस।

उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित मिशन शक्ति अभियान के दूसरे चरण के आंकड़े सामने आए हैं। राज्य सरकार के अनुसार, अभियान के दौरान महिला बीट पुलिस अधिकारियों ने 99,377 गांवों और वार्डों का दौरा किया। इस दौरान महिलाओं को सरकारी योजनाओं, हेल्पलाइन सेवाओं और सुरक्षा से जुड़े उपायों की जानकारी देने के साथ उनकी समस्याएं सुनने पर जोर दिया गया।
मिशन शक्ति अभियान के फेज-5 का दूसरा चरण 19 मार्च से 17 अप्रैल 2026 तक संचालित किया गया। महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की नोडल अधिकारी एडीजी पद्मजा चौहान के मुताबिक, अभियान के अंतर्गत पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों ने मिलकर जागरूकता कार्यक्रमों तथा सुरक्षा संबंधी कार्रवाइयों को आगे बढ़ाया।
66 हजार से अधिक महिलाओं और बालिकाओं ने दौड़ में लिया हिस्सा।
अभियान के दौरान आयोजित दौड़ कार्यक्रमों में 66,441 महिलाओं और बालिकाओं ने भाग लिया। जागरूकता बढ़ाने के लिए 49,437 प्रचार सामग्री वितरित की गई। वहीं, धार्मिक स्थलों, मेलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित महिला चौपालों के माध्यम से 15,55,219 लोगों तक सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी पहुंचाई गई। इसके अतिरिक्त, प्रदेश में स्थापित 1,593 मिशन शक्ति केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रमों में 12,51,777 महिलाओं ने प्रतिभाग किया। इन कार्यक्रमों के दौरान योजनाओं और हेल्पलाइन से संबंधित 10,05,926 पर्चे वितरित किए गए। इन गतिविधियों का उद्देश्य महिलाओं को उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी देना और जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।

99,377 गांवों और वार्डों में पहुंची महिला बीट पुलिस।
महिला बीट पुलिस अधिकारियों ने अभियान के दौरान गांवों और वार्डों में भ्रमण कर महिलाओं से संवाद किया। इस प्रक्रिया में घरेलू हिंसा से प्रभावित महिलाओं और बालिकाओं की पहचान करने तथा उन्हें आवश्यक सहायता से जोड़ने पर ध्यान दिया गया। घरेलू विवाद, भरण-पोषण और अन्य समस्याओं से जुड़े मामलों में संबंधित विभागों के साथ समन्वय और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की पहल भी की गई। इसके साथ ही बीट पुलिस अधिकारियों ने ग्राम पंचायतों और वार्डों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन गतिविधियों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, बीसी सखी और अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों ने सहयोग किया।
2.90 लाख से अधिक स्थानों की जांच, 6,276 गिरफ्तारियां।
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 2,90,153 स्कूल-कॉलेजों, बाजारों, चौराहों, मॉल, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों की जांच की गई। अभियान के दौरान 38,64,614 लोगों की चेकिंग की गई। जारी आंकड़ों के अनुसार, 1,841 अभियोग दर्ज किए गए, 6,276 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 16,85,263 लोगों को चेतावनी दी गई। इसके अलावा, 59,897 स्थानों पर पुलिस गश्त और फुट पेट्रोलिंग की गई। संवेदनशील स्थलों और हॉटस्पॉट क्षेत्रों में 39,454 कैमरे लगवाए जाने की जानकारी भी दी गई। रेलवे सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों के तहत 4,893 रेलवे स्टेशनों और 11,226 ट्रेनों में प्रचार सामग्री वितरित की गई सरकार के मुताबिक, मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिला सुरक्षा के साथ जागरूकता, शिकायतों पर कार्रवाई और सहायता सेवाओं तक पहुंच को मजबूत करना है। हालांकि, इन आंकड़ों से अभियान की गतिविधियों का दायरा सामने आता है, जबकि महिला अपराधों में वास्तविक कमी के आकलन के लिए तुलनात्मक अपराध आंकड़ों की भी जरूरत होगी।



