बेटियों के सशक्तिकरण पर योगी सरकार का बड़ा कदम, 450 प्रतिभागियों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
उत्तर प्रदेश में बालिकाओं को शिक्षा के साथ नेतृत्व, आत्मविश्वास और सुरक्षित वातावरण देने की दिशा में योगी सरकार ने एक और पहल की है। विद्यालय स्तर पर संचालित मीना मंचों को और प्रभावी बनाने के लिए राज्य स्तर पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य मीना मंचों के जरिए छात्राओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ उन्हें अपने अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े विषयों के प्रति जागरूक करना है।
राज्य सरकार के अनुसार, 09 से 24 सितंबर 2026 तक प्रयागराज स्थित एसआईईएमएटी (SIEMAT) में ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स यानी टीओटी और मास्टर ट्रेनर (एमटी) कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से कुल 450 प्रतिभागी शामिल होंगे। प्रशिक्षण को कुल नौ बैचों में आयोजित किया जाएगा और प्रत्येक बैच में 50 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मीना मंचों को बनाया जाएगा और मजबूत
सरकार का फोकस मीना मंचों को केवल विद्यालयी गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें बालिकाओं के सशक्तिकरण और नेतृत्व विकास का प्रभावी माध्यम बनाने पर है। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सहभागिता बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी प्रशिक्षित किया जाएगा।

इसके अलावा, यौन शोषण से संबंधित प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी प्रतिभागियों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले टीओटी और मास्टर ट्रेनर आगे संबंधित स्तरों पर अन्य लोगों को प्रशिक्षित करेंगे, जिससे इस अभियान का दायरा और व्यापक हो सके।
75 जनपदों की होगी भागीदारी
इस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में प्रदेश के 75 जनपदों से प्रतिभागियों की सहभागिता होगी। प्रत्येक जनपद से छह प्रतिभागियों को शामिल किया जा रहा है। विभिन्न बैचों में बदायूं, बुलंदशहर, गोरखपुर, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, अलीगढ़, बरेली, मेरठ, मुरादाबाद समेत प्रदेश के अलग-अलग जिलों के प्रतिभागी हिस्सा लेंगे।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों में बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें निर्णय लेने, नेतृत्व करने तथा अपनी बात आत्मविश्वास के साथ रखने के अवसर उपलब्ध कराना है।
सरकार ने बताया बेटियों के भविष्य की दिशा में अहम कदम
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी के अनुसार, प्रशिक्षण के जरिए मीना मंचों को मजबूत करने और उनके प्रभावी संचालन के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार किया जाएगा।
वहीं बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि सरकार बालिकाओं को शिक्षा के साथ नेतृत्व, आत्मविश्वास और सुरक्षित वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके मुताबिक, मीना मंच बालिकाओं के सशक्तीकरण और नेतृत्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं और 450 प्रतिभागियों का यह प्रशिक्षण इस व्यवस्था को और मजबूत करेगा।

कुल मिलाकर, योगी सरकार की यह पहल स्कूलों में बेटियों की भागीदारी बढ़ाने, उन्हें नेतृत्व के लिए तैयार करने और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम कदम के तौर पर देखी जा रही है।



