उत्तर प्रदेश

‘यूपी डायलॉग’ में युवाओं की हुंकार! 10 साल के बदलाव पर मंथन, भविष्य के यूपी का खाका तैयार करने जुटे 100+ युवा

लखनऊ, 6 सितंबर। उत्तर प्रदेश की राजनीति और विकास को लेकर राजधानी लखनऊ में युवाओं की एक अहम बैठक देखने को मिली। हजरतगंज स्थित एसेंस बैंक्वेट में फ्रेंड्स ऑफ यूपी की ओर से ‘यूपी डायलॉग’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम ‘उत्तर प्रदेश का एक दशक’ रखी गई, जिसमें प्रदेश में पिछले दस वर्षों के दौरान हुए बदलावों और आने वाले समय की विकास संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

इस कार्यक्रम में ‘फ्रेंड्स ऑफ योगी’ से जुड़े 100 से अधिक युवा वॉलंटियर्स ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का फोकस सिर्फ बीते एक दशक के राजनीतिक और विकासात्मक बदलावों की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवाओं की भूमिका और उत्तर प्रदेश के भविष्य को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर एम.के. अग्रवाल, प्रोफेसर अमित कुशवाह और राजनीतिक विश्लेषक शशांक शेखर सिंह मुख्य वक्ता के तौर पर मौजूद रहे। वक्ताओं ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, विकास, रोजगार, आधारभूत ढांचे और बदलते राजनीतिक परिदृश्य जैसे विभिन्न विषयों पर अपनी बात रखी।

‘यूपी डायलॉग’ की खास बात यह रही कि इसमें युवाओं को सिर्फ श्रोता की भूमिका तक सीमित नहीं रखा गया। युवाओं ने कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों से प्रदेश के विकास, रोजगार के अवसरों, शिक्षा, आर्थिक प्रगति और भविष्य की चुनौतियों से जुड़े कई सवाल पूछे। साथ ही, उन्होंने उत्तर प्रदेश को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव भी सामने रखे।

चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के विकास में युवाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। बदलती अर्थव्यवस्था, तकनीक और रोजगार की नई संभावनाओं के बीच युवाओं की अपेक्षाएं भी तेजी से बदल रही हैं। ऐसे में नीति निर्माण और विकास की दिशा तय करने वाली चर्चाओं में युवाओं की आवाज को महत्व देने की जरूरत पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में पिछले दस वर्षों में उत्तर प्रदेश में हुए बदलावों को लेकर भी विचार रखे गए। वक्ताओं और प्रतिभागियों ने प्रदेश की मौजूदा स्थिति का आकलन करते हुए आने वाले वर्षों में विकास की नई संभावनाओं और चुनौतियों पर मंथन किया।

कुल मिलाकर, ‘यूपी डायलॉग’ ने उत्तर प्रदेश के बीते एक दशक की तस्वीर और भविष्य के यूपी की दिशा पर संवाद का मंच तैयार किया। 100 से अधिक युवाओं की भागीदारी ने यह संकेत भी दिया कि प्रदेश के विकास और राजनीतिक भविष्य को लेकर युवा वर्ग की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है।

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