दिव्यांगजनों के लिए योगी सरकार का बड़ा अभियान, 75 जिलों में लगेंगे सहायक उपकरण और कृत्रिम अंग वितरण कैंप
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू की है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में चरणबद्ध तरीके से सहायक उपकरण और कृत्रिम अंग वितरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों के जरिए पात्र दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार विभिन्न प्रकार के गुणवत्तापूर्ण सहायक उपकरण और कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जाएंगे।
सरकार के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाना, उनकी गतिशीलता और कार्यक्षमता बढ़ाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से और मजबूती से जोड़ना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान इन शिविरों का आयोजन अलग-अलग चरणों में किया जाएगा।
पहले चरण में प्रदेश के 75 जिलों को दो समूहों में बांटा गया है। 17 सितंबर को 41 जिलों में वितरण शिविर लगाए जाएंगे, जबकि 2 अक्टूबर को 34 जिलों में कैंप आयोजित होंगे। इसके बाद दूसरे चरण में 20 अक्टूबर से 15 नवंबर 2026 तक और तीसरे चरण में 3 दिसंबर से 15 दिसंबर 2026 तक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न जिलों में शिविर लगाए जाएंगे।
17 सितंबर को आगरा, अलीगढ़, एटा, अयोध्या, सुल्तानपुर, आजमगढ़, बरेली, बदायूं, बांदा, देवरिया, कुशीनगर, गोंडा, झांसी, कानपुर नगर, उन्नाव, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, जौनपुर, गोरखपुर, कन्नौज, प्रयागराज, शामली, वाराणसी, मिर्जापुर, गाजीपुर समेत 41 जिलों में कैंप आयोजित होंगे।

वहीं 2 अक्टूबर को लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, चंदौली, बलरामपुर, चित्रकूट, अंबेडकर नगर, अमरोहा, फिरोजाबाद, जालौन, कानपुर देहात, लखीमपुर खीरी, महाराजगंज, मऊ, पीलीभीत, रायबरेली, संभल, शाहजहांपुर, सोनभद्र, अमेठी, औरैया, बागपत, बाराबंकी, भदोही, फर्रुखाबाद, गाजियाबाद, हमीरपुर, हाथरस, कासगंज, महोबा, मुजफ्फरनगर, बहराइच, बलिया, बस्ती और मैनपुरी में शिविर लगाए जाएंगे।
सरकार ने सभी जिलों के दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारियों को कैंपों की तैयारियों के लिए कार्ययोजना बनाने और निर्धारित समयसीमा में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
योगी सरकार का कहना है कि सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग वितरण योजना दिव्यांगजनों के कल्याण और आत्मनिर्भरता से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है। सरकार का फोकस पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाने पर है। इस अभियान के जरिए दिव्यांगजनों को उनकी व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार सहायता देकर उनके जीवन में सुविधा, गतिशीलता और आत्मनिर्भरता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।



