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‘सपा के PDA का मतलब परिवार, धनबली और अपराधी’, प्रकाश पाल का हमला।

राज्यसभा चुनाव के बीच प्रकाश पाल का अखिलेश पर निशाना, PDA को लेकर दिया बयान।

‘सपा के PDA का मतलब परिवार, धनबली और अपराधी’, प्रकाश पाल का अखिलेश यादव पर हमला

भाजपा नेता ने राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर सपा पर साधा निशाना, कहा- भाजपा ने विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया।

लखनऊ, 6 अक्टूबर। राज्यसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा प्रत्याशी और भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने समाजवादी पार्टी और उसके PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व के नारे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की राजनीति में परिवार और प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता मिलती है।

राज्यसभा प्रत्याशियों की घोषणा पर सपा को घेरा।

प्रकाश पाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी लंबे समय से अपनी राजनीतिक छवि को लेकर सवालों के घेरे में रही है। उनके मुताबिक, पार्टी अब PDA के जरिए अपनी पहचान प्रस्तुत कर रही है, लेकिन राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा के बाद उसके राजनीतिक दृष्टिकोण को लेकर तस्वीर स्पष्ट हो गई है। भाजपा नेता ने सपा पर परिवारवाद और धनबल को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी में आम कार्यकर्ताओं की भूमिका की तुलना में परिवार और प्रभावशाली लोगों को अधिक महत्व दिया जाता है। ये आरोप प्रकाश पाल ने सपा की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पर टिप्पणी करते हुए लगाए हैं।

‘PDA’ को लेकर प्रकाश पाल का तंज।

प्रकाश पाल ने समाजवादी पार्टी के PDA की अपनी राजनीतिक व्याख्या पेश करते हुए कहा कि ‘P’ से परिवार, ‘D’ से धनबली और ‘A’ से अपराधी है। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आगामी चुनाव तक पार्टी के PDA को लेकर उनकी यह राजनीतिक टिप्पणी जारी रहेगी। प्रकाश पाल ने आगे ‘पैसा देने वाले आओ’ जैसे शब्दों का

इस्तेमाल करते हुए सपा पर चुनावी राजनीति में धनबल के इस्तेमाल का आरोप लगाया। हालांकि, ये उनके राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें उनके बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

भाजपा की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया की तारीफ।

भाजपा नेता ने अपनी पार्टी की राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची का बचाव करते हुए कहा कि भाजपा ने समाज के विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी की सूची में सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और महिलाओं को स्थान दिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा की नीतियों में सामाजिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व को महत्व दिया जाता है।

राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज।

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया के बीच भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज होते दिखाई दे रहे हैं। भाजपा जहां अपने उम्मीदवारों के सामाजिक प्रतिनिधित्व को प्रमुख मुद्दे के रूप में सामने रख रही है, वहीं सपा अपने PDA सामाजिक समीकरण को लगातार राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाती रही है। प्रकाश पाल का ताजा बयान इसी राजनीतिक टकराव की कड़ी के रूप में सामने आया है। अब राज्यसभा चुनाव को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

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