उत्तर प्रदेश

विश्वकर्मा जयंती पर योगी सरकार का रोजगार फोकस, कामगारों को चेक और टूलकिट से स्वरोजगार का सहारा

लखनऊ, 17 सितंबर। भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026 और टूलकिट एवं ऋण वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के चेक और विभिन्न जिलों से आए कामगारों को टूलकिट वितरित की। सरकार की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और छोटे कामगारों को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना बताया गया।

सैलून संचालक को दो लाख रुपये की सहायता
कार्यक्रम में लखनऊ के आलमबाग निवासी मोहम्मद मुश्ताक को सैलून व्यवसाय के लिए दो लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। मुश्ताक पिछले 25 वर्षों से सैलून का काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। सहायता मिलने पर उन्होंने खुशी जताई और कहा कि इससे अपना काम आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कानपुर के अवधेश को सुनार के काम के लिए टूलकिट मिली। करीब दो दशक से आभूषण निर्माण से जुड़े अवधेश ने मुख्यमंत्री के हाथों उपकरण मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

महिलाओं को सिलाई मशीन, आत्मनिर्भरता की उम्मीद
बाराबंकी की वंदना और रमा जायसवाल को सिलाई मशीनें वितरित की गईं। सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकीं वंदना ने बताया कि वह सिलाई के जरिए परिवार की आर्थिक मदद कर रही हैं। वहीं, रमा जायसवाल ने कहा कि टूलकिट मिलने से उनके काम को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी। दोनों ने कार्यक्रम में मिलने वाली मदद पर खुशी जाहिर की।

कारपेंटरों को एक-एक लाख रुपये के चेक
रोजगार सहायता के तहत कारपेंटर का काम करने वाले राहुल शर्मा को एक लाख रुपये का चेक दिया गया। राहुल पिछले आठ वर्षों से इस पेशे में हैं। उनके मुताबिक, आर्थिक सहायता से जरूरी औजार खरीदने में मदद मिलेगी।

उन्नाव निवासी आनंद कुमार को भी बढ़ई के काम के लिए एक लाख रुपये का चेक मिला। उन्होंने सरकारी योजनाओं से मिलने वाले लाभ का उल्लेख करते हुए कार्यक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

पारंपरिक कारीगरों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर
कार्यक्रम में अयोध्या निवासी राम को कुम्हार के काम के लिए टूलकिट प्रदान की गई। उन्होंने सहायता मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों ने आर्थिक मदद और उपकरण मिलने को अपने व्यवसाय के विस्तार से जोड़कर देखा।

विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026 के माध्यम से पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कामगारों के लिए ऋण, टूलकिट और प्रशिक्षण जैसी सहायता पर ध्यान केंद्रित किया गया। योजना के तहत मिलने वाली मदद का उद्देश्य कारीगरों को अपने काम के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।

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