जनसुनवाई पर सख्त हुए मंत्री अरविंद शर्मा, ‘कागजों में निपटारा’ नहीं चलेगा!
संभव पोर्टल पर जनशिकायतों की सुनवाई, लापरवाही पर अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी!
‘कागजों में निपटारा’ नहीं चलेगा! योगी सरकार में जनसुनवाई पर सख्ती, मंत्री ने अधिकारियों को दी अंतिम चेतावनी!

लखनऊ, 23 सितंबर। उत्तर प्रदेश में जनता की शिकायतों के समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर बढ़ा दिया है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने संभव पोर्टल के माध्यम से विभिन्न जिलों से प्राप्त शिकायतों की जनसुनवाई करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का समाधान केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहना चाहिए। शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलना जरूरी है।
जनसुनवाई के दौरान कई मामलों में मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं गंभीर और लंबे समय से लंबित शिकायतों को लेकर जांच कराने तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
संभव पोर्टल से शिकायतों के साथ परियोजनाओं की निगरानी
सरकार के मुताबिक, संभव पोर्टल का उद्देश्य नागरिकों की शिकायतों का पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करना है। अब इस व्यवस्था के जरिए निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति पर भी निगरानी रखने की दिशा में काम किया जा रहा है।
जनसुनवाई के दौरान ऊर्जा विभाग से जुड़े मामलों पर भी मंत्री ने अधिकारियों से जवाब मांगा। उन्होंने प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बिजली चोरी के मामलों में कार्रवाई करने और चोरी में शामिल लोगों को चिन्हित करने पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों की कार्यशैली पर मंत्री सख्त
अरविंद कुमार शर्मा ने जनपदीय अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मंत्री ने राजनीतिक प्रभाव के कारण आम नागरिकों को परेशान किए जाने संबंधी शिकायतों पर भी गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जनहित के कार्यों में बजट की कमी नहीं
मंत्री ने कहा कि विभाग के पास जनहित से जुड़े आवश्यक कार्यों के लिए बजट की कमी नहीं है। ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि जनता की जरूरतों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि शिकायतों के निस्तारण के बाद उसकी वास्तविक स्थिति की भी निगरानी हो। केवल रिपोर्ट तैयार कर शिकायत बंद कर देना सरकार की मंशा नहीं है।
निचले स्तर पर समाधान पर जोर
योगी सरकार की जनसुनवाई व्यवस्था का जोर इस बात पर है कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही प्रभावी तरीके से हो। इसके लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और शिकायतों की निगरानी को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
संभव पोर्टल के जरिए शिकायतों और परियोजनाओं की निगरानी बढ़ाने के साथ सरकार का प्रयास है कि आम लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए उच्च स्तर के कार्यालयों तक जाने की जरूरत न पड़े। मंत्री की सख्त हिदायतों से अधिकारियों को समयबद्ध और परिणाम आधारित कार्रवाई का संदेश दिया गया है।



