उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर होने वाली चर्चा में अपने विचार व्यक्त किए

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने जनकल्याण, रोजगार सृजन, निवेश का विस्तार तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध प्रदेश के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप वर्ष 2029-30 तक प्रदेश को 01 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का हमारा लक्ष्य है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए इस वर्ष का बजट सदन में प्रस्तुत किया गया है। इस बजट के माध्यम से राज्य सरकार ने प्रदेश में प्रधानमंत्री जी के विजन को साकार करने का प्रयास किया है।

मुख्यमंत्री जी आज यहाँ विधान परिषद में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी के अभिभाषण पर होने वाली चर्चा में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री जी ने वर्ष 2026-27 हेतु राज्यपाल जी द्वारा राज्य विधान मण्डल के समवेत सदन में दिए गए अभिभाषण के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीमवर्क से किए गए कार्यों का परिणाम है कि किसान, महिला, गरीब, युवा तथा हस्तशिल्पी सहित समाज के सभी वर्गों में आज विश्वास उत्पन्न हुआ है। आज प्रदेश में कानून का राज है, अपराधी भयभीत हैं, गरीबों का सम्मान है, किसान खुशहाल है, महिलाओं का सुरक्षा की गारण्टी तथा युवाओं को आगे बढ़ने के लिए अवसर, हर गाँव में बिजली, हर हृदय में गर्व है। उत्तर प्रदेश फिर से रामराज्य की आधारभूमि के रूप में अपने को स्थापित कर रहा है।

राज्यपाल प्रदेश की संवैधानिक प्रमुख हैं। राज्यपाल जी का अभिभाषण शासन की नीतियों और भावी कार्य योजना का एक दस्तावेज होता है। सरकार के कार्यां और परिणामों के सम्बन्ध में प्रति वर्ष संसद में राष्ट्रपति जी तथा विधान सभाओं में राज्यपाल जी द्वारा अभिभाषण सदन में दिया जाता है। राज्यपाल जी ने विगत 09 वर्षों की सरकार की उपलब्धियों के सम्बन्ध में समवेत सदन में अपना अभिभाषण प्रस्तुत किया है। विगत 09 वर्षां की प्रदेश की यात्रा अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन, कर्फ्यू से कानून के राज की स्थापना, उपद्रव से उत्सव, समस्या से समाधान और अविश्वास से आत्मविश्वास की यात्रा है। आज देश व दुनिया भी उत्तर प्रदेश में हुए परिवर्तनों को स्वीकार करती है। यह परिवर्तन प्रदेश की 25 करोड़ जनता का अधिकार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत के शाश्वत मूल्यों की आधार भूमि है। डबल इंजन सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नीयत तथा सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता के कारण प्रदेश को बॉटलनेक से देश की अर्थव्यवस्था का ब्रेक-थ्रू बनाने में सफलता प्राप्त हुई है। अब उत्तर प्रदेश रेवेन्यू डेफिसिट से रेवेन्यू सरप्लस स्टेट और उपद्रव से उत्सव प्रदेश के रूप में अपनी यात्रा को मजबूती से आगे बढ़ा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 11 वर्षों में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में देश ने विकास की लम्बी यात्रा तय की है। प्रधानमंत्री जी द्वारा दिल्ली में ए0आई0 इम्पैक्ट समिट का उद्घाटन किया गया है, जिसमें पाँच दिनों तक दुनिया के 18 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति रहेगी। आज की इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पर भारत का फोकस बहुत अधिक है। देश अपनी वर्तमान व भावी पीढ़ी के भविष्य के लिए बेहतरीन योजना के साथ काम कर रहा है। आज उत्तर प्रदेश ट्रिपल ‘टी’ अर्थात टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट एण्ड ट्रान्सफॉरमेशन की त्रिवेणी बनकर उभरा है। प्रदेश में स्थित प्रयागराज की पहचान माँ गंगा, माँ यमुना और माँ सरस्वती की त्रिवेणी से है। उस त्रिवेणी का नया रूप प्रदेश में टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट एण्ड ट्रान्सफॉरमेशन के रूप में देखने को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने प्रदेश में अनुशासन, निर्णायक नेतृत्व, स्पष्ट नीति और शुद्ध नीयत को प्रस्तुत करने का कार्य किया है। डबल इंजन सरकार के कार्यां के परिणामस्वरूप, प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, रोजगार सृजन अभियान, प्रदेश को निवेश के बेहतरीन गन्तव्य के रूप में स्थापित करने तथा सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से प्रदेश को सशक्त, सुरक्षित व आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम प्रभावी ढंग से देखने को मिल रही है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में नीतिगत उदासीनता, प्रशासनिक शिथिलता और विकास विरोधी सोच थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में कानून का राज है। विकास की पहली शर्त ‘रूल ऑफ लॉ’ होती है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार ने मजबूती के साथ कार्य किया। प्रदेश में रिकॉर्ड पुलिस भर्तियाँ की गयी। महिला सशक्तीकरण पर ध्यान दिया गया। युवाओं के लिए नई-नई योजनाएँ बनायी गयीं। मॉडल पुलिसिंग और सुदृढ़ साइबर एवं फॉरेन्सिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए कार्य किया गया। आज सुदृढ़ कानून-व्यवस्था ने प्रदेश को ‘फियर जोन से फेथ जोन’ में बदल दिया है। अब प्रदेश में भय का नहीं, बल्कि आस्था का वातावरण है। कर्फ्यू कल्चर की जगह जीरो टॉलरेन्स ने प्रदेश को नयी पहचान दी है। अब दंगों के स्थान पर प्रदेश में ‘फेस्टिव और टेम्पल इकोनॉमी’ ग्रो कर रही है।

प्रयागराज महाकुम्भ-2025 में 66 करोड़ से अधिक तथा इस वर्ष के माघ मेले में 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। पहले यहाँ कुछ लाख श्रद्धालु ही आते थे, जिसमें कल्पवासियों की संख्या अधिक होती थी। विगत दिवस महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रयागराज में 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में स्नान किया। यह आने वाले श्रद्धालुओं के वर्तमान सरकार की व्यवस्था पर विश्वास तथा सुरक्षा के प्रति निश्चिन्तता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा उत्तर प्रदेश में निवास करती है। अयोध्या की मर्यादा, काशी की शाश्वत चेतना, मथुरा-वृन्दावन की भक्ति, प्रयागराज की समरसता प्रदेश में देखने को मिलती है। वर्ष 2017 के पश्चात प्रदेश में कोई भी साम्प्रदायिक दंगा नहीं हुआ है। आज हम कह सकते हैं कि ‘प्रदेश में न कर्फ्यू है, न दंगा है, उत्तर प्रदेश में सब चंगा है।’ महिलाओं को सुरक्षा तथा व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण मिला है। विगत 09 वर्षों में 2.19 लाख पुलिस भर्ती हुई, जिसमें महिलाओं को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। वर्ष 2017 में प्रदेश में कुल 10 हजार महिला कार्मिक थीं, जो आज बढ़कर 44 हजार से अधिक हो गयी है।

वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में पुलिस कार्मिकों के प्रशिक्षण की पर्याप्त क्षमता नहीं थी। उस समय पुलिस प्रशिक्षण कराने के लिए मिलिट्री, पैरा-मिलिट्री तथा अन्य राज्यों के प्रशिक्षण केन्द्रों की सहायता लेनी पड़ती थी। हमने पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता को कई गुना बढ़ाया। आज 60,244 पुलिस कार्मिकों को एक साथ उत्तर प्रदेश में ही स्वयं के ट्रेनिंग सेण्टरों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश में पुलिस अवस्थापना सुविधाओं में भी वृद्धि की गयी है। पहले पुलिस कार्मिकों के बैरक अच्छे नहीं थे, आज किसी भी जनपद में सबसे हाईराइज़ बिल्डिंग पुलिस अवस्थापना सुविधाओं की होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 07 पुलिस कमिश्नरेट मॉर्डन पुलिसिंग का नया उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। साइबर थाना व साइबर सेल इनकी पहचान को और अधिक तेजी के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। 03 नये कानून लागू होने के बाद प्रदेश में 07 वर्ष से अधिक की सजा के लिए फॉरेन्सिक एविडेन्स अनिवार्य किया गया है। इसके लिए प्रदेश में फॉरेन्सिक साइन्स ईको-सिस्टम, आधुनिक पुलिसिंग और वैज्ञानिक साक्ष्यों के एकत्रीकरण की दिशा में प्रभावी कार्य किए गए हैं। पहले प्रदेश में केवल 02 फॉरेन्सिक साइन्स लैब (एफ0एस0एल0) थीं, आज प्रदेश में ‘ए‘ ग्रेड की 12 एफ0एस0एल0 प्रारम्भ हो चुकी हैं तथा 06 लैब निर्माणाधीन हैं। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में फॉरेन्सिक एविडेन्स संकलित करने के लिए दो-दो फॉरेन्सिक वैन संचालित हैं।

प्रदेश के 17 नगर निगमों व गौतमबुद्धनगर में सेफ सिटी की परियोजना लागू है। उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स की 06 वाहिनियाँ प्रदेश में कार्यरत हैं। इण्टीग्रेटेड इमरजेन्सी सेवा यू0पी0-112 के रिस्पॉन्स टाइम को बेहतर किया गया है। मृतप्राय 34 पी0ए0सी0 वाहिनियों को पुनर्जीवित किया गया है। पहली बार देश के स्वाधीनता आन्दोलन को गति देने वाली वीरांगना अवन्तीबाई, वीरांगना झलकारीबाई तथा वीरांगना ऊदादेवी के नाम पर 03 महिला पी0ए0सी0 बटालियन गठित की गयी हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से पूरा देश अपनी विरासत पर गर्व की अनुभूति कर रहा है। विरासत युक्त विकास ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। विदेशी आक्रान्ताओं का महिमामण्डन तथा राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना राष्ट्रद्रोह से कम नहीं है। ‘नये भारत का नया उत्तर प्रदेश’ इसको स्वीकार नहीं कर सकता। राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ का 150वाँ वर्ष चल रहा है। इसे संविधान सभा ने 24 जनवरी, 1950 को राष्ट्रगीत के रूप में मान्यता दी थी। प्रधानमंत्री जी ने देश में राष्ट्रगीत को अनिवार्य रूप से लागू करने के लिए अधिसूचना जारी करायी है। राष्ट्रगीत भारत की आन-बान-शान का प्रतीक है और प्रत्येक भारतीय को अपने पुरातन वैभव पर गौरव की अनुभूति कराता है। इन प्रतीकों के साथ अपने राष्ट्रनायकों का सम्मान करना समस्त भारतवासियों का दायित्व है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने बहराइच के चित्तौरा नामक स्थान पर महाराजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक बनाया गया है। महाराजा सुहेलदेव के नाम पर प्रदेश में विश्वविद्यालय भी स्थापित किया है। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी को सम्मान देने हेतु प्रधानमंत्री जी ने श्री काशी विश्वनाथ धाम में उनकी प्रतिमा स्थापित कराई। हिन्दुस्तान में भारत की आस्था को कैद करके नहीं रखा जा सकता। ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ भाव के साथ हमारी आस्था अवश्य विजयी होगी। आज अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मन्दिर का निर्माण हो गया है। वहाँ देश व दुनिया भर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन आ रहे हैं। आस्था के सभी केन्द्र राष्ट्र चेतना के भी केन्द्र होते हैं। भारत की इस आत्मा के प्रति सम्मान के भाव से कार्य करना हम सभी के लिए गौरव की बात है।

डबल इंजन सरकार ने अपनी विरासत से प्रेरणा प्राप्त करते हुए प्रदेश के बेहतर भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना के साथ कार्य किया है। प्रधानमंत्री जी ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष के अवसर पर विकसित भारत के लिए देशवासियों को पंचप्रण दिलाये थे। इनसे प्रेरणा लेकर तथा गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का मार्ग अपनाकर हमने आस्था को सशक्त भारत की आधारशिला बनाने का कार्य किया है। डबल इंजन सरकार द्वारा प्रयागराज, अयोध्या, काशी, मथुरा-वृन्दावन, विन्ध्याचल, चित्रकूट, सम्भल, बरेली, नैमिषारण्य, शुकतीर्थ, बौद्ध परिपथ तथा भारत में जन्मी उपासना विधियों से सम्बन्धित तीर्थस्थलों पर जनसुविधाओं के विकास के साथ ही समग्र विकास के कार्य प्रारम्भ किये गये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की पहचान दीपोत्सव, देव-दीपावली, रंगोत्सव आदि से होती है। यह कार्यक्रम केवल आयोजन मात्र नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक गौरव के वैश्विक उत्सव में परिवर्तन के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। आस्था का सम्मान करने के परिणामस्वरूप, आज प्रत्येक भारतीय इनसे आत्मिक भाव से जुड़ा हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व, प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था। वर्ष 1947 से वर्ष 2017 तक के 70 वर्षों में प्रदेश की जी0एस0डी0पी0 मात्र 13 लाख करोड़ रुपये तक ही पहुंच सकी थी। डबल इंजन सरकार ने विगत 09 वर्षों में इसमें 23 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त जोड़े हैं। आज प्रदेश की जी0एस0डी0पी0 36 लाख करोड़ रुपये हो चुकी है। आजादी के समय देश की जी0डी0पी0 में उत्तर प्रदेश का योगदान 14 प्रतिशत था, जो वर्ष 2016-17 तक आते-आते मात्र 08 प्रतिशत हो गया। आज इसे 9.5 प्रतिशत तक पहुँचाने में सफलता प्राप्त हुई है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता मिली है। इसके लिए विगत 09 वर्षों में आम जनता पर कोई नया कर नहीं लगाया गया, बल्कि टैक्स चोरी को रोका गया तथा रेवेन्यू लिकेजेज पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया गया। परिणामस्वरूप, प्रदेश ने स्वयं को रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित किया है। यहां वित्तीय अनुशासन व विकास का संतुलन देखने को मिल रहा है। प्रदेश में सी0डी0 रेशियो 43 प्रतिशत से बढ़ाकर लगभग 62 प्रतिशत पहुँचाने में सफलता प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश किसानों के श्रम व कारीगरों की सृजनशीलता से समृद्ध हुआ है। विगत 11 वर्षां में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में अन्नदाता किसानों को उत्पादक के रूप में नई पहचान मिली है। प्रदेश के किसानों व कारीगरों को मजबूती से आगे बढ़ाया गया है। पहले प्रत्येक गाँव एक आत्मनिर्भर इकाई होती थी। उसकी आधारशिला ग्राम स्वराज थी। कृषि, पशुपालन तथा हस्तशिल्प आदि क्षेत्रों में किसान उत्पादक थे, कारीगर स्वयं उद्यमी थे, व्यापारी राष्ट्र को उत्तर से दक्षिण तथा पूरब से पश्चिम तक जोड़ने वाले सेतु थे। वर्ष 2017 से पूर्व, प्रदेश में कृषि से सम्बन्धित कोई स्पष्ट नीति नहीं थी। अन्नदाता किसान केवल वोट बैंक बन गया था। उनकी फसलों की लागत अधिक तथा उत्पादन क्षमता कम थी। बाजार में बिचौलियों का वर्चस्व था।

वर्ष 2017 के पश्चात डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में डबल स्पीड से अन्नदाता किसानों की फसलों की लागत कम तथा उत्पादन अधिक हुई। अन्नदाता किसानों को विकास में भागीदार बनाया गया। आज उत्तर प्रदेश के किसानों की ‘अन्नदाता से उद्यमी’ बनने की कहानी देखी जा सकती है। अन्नदाता किसान एफ0पी0ओ0 के माध्यम से तथा गाँव की महिलाएँ ड्रोन दीदी के माध्यम अपनी एक अलग पहचान बना रही हैं। आज विकास की यात्रा में अन्नदाता किसान सक्रिय रूप से सहभागी बने हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प कृषि को इनकम बेस्ड एण्ड वैल्यू एडिशन मॉडल के साथ जोड़ना तथा अन्नदाता किसानों की आय बढ़ाना है। उत्तर प्रदेश में कृषि विकास दर 8-8.5 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई है। एम0एस0पी0 पर पारदर्शी खरीद हो रही है। किसानों को डी0बी0टी0 के माध्यम से धनराशि उनके खातों में हस्तान्तरित की जा रही है। देश की कुल भूमि का 11 प्रतिशत भू-भाग उत्तर प्रदेश में है। इसी भूमि से यहाँ देश के 21 प्रतिशत खाद्यान्नों का उत्पादन किया जा रहा है। अन्नदाता किसानों को बीज से बाजार तक ग्लोबल मार्केट एक्सेस उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत किसानों को 95 हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि डी0बी0टी0 के माध्यम से हस्तान्तरित की गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अन्नदाता किसानों को उन्नत बीज, प्राकृतिक खेती, ड्रोन आधारित खेती तथा जलवायु अनुकूल आधुनिक खेती की जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध करायी जा रही है। कृषि वैज्ञानिकों, स्टार्टअप्स, प्रगतिशील किसानों के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण भी अन्य किसानों को प्राप्त कराया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिक किसानों के खेतों पर जाकर खेती-किसानी के सम्बन्ध में चर्चा करते हैं। ड्रोन डोजिंग, एफ0पी0ओ0, एग्री स्टार्ट-अप्स और फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से फसलों का मूल्यवर्धन हो रहा है। प्रदेश में विश्व बैंक के सहयोग से ‘यू0पी0 एग्रीज’ अर्थात उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एण्ड रूरल इण्टरप्राइज ईको-सिस्टम स्ट्रेन्थिनिंग योजना के माध्यम में उत्पादकता में वृद्धि, संसाधनों के कुशल उपयोग, कृषि आधारित उद्योगों के विकास और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीरो टॉलरेन्स नीति के अन्तर्गत प्रदेश में गौ-हत्या से सम्बन्धित कठोर कानून बनाया गया है। हमने प्रदेश में गो-तस्करी को रोका। आज प्रदेश में 7,727 से अधिक निराश्रित गौ-आश्रय स्थल संचालित हैं, इनमें 16 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित किये गये हैं। इसके माध्यम से गो-आधारित प्राकृतिक खेती को आगे बढ़ाया जा रहा है। आज उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य है। मत्स्य उत्पादन में भी प्रदेश ने दोगुने से अधिक सफलता प्राप्त की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कुल गन्ना उत्पादन का 55 प्रतिशत उत्तर प्रदेश के किसान कर रहे हैं। वर्ष 2000 से वर्ष 2017 के मध्य कुल 02 लाख 14 हजार करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान गन्ना किसानों को किया गया था। वर्ष 2017 से अब तक हमने 03 लाख 06 हजार करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। अर्थात लगभग आधे समय में 90 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया है। प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हैं। गन्ने का मूल्य 400 रुपये प्रति कुन्तल दिया जा रहा है। एथेनॉल उत्पादन 41 करोड़ लीटर से बढ़कर 182 करोड़ लीटर हो गया है। एथेनॉल ब्लेण्डेड पेट्रोल प्रोग्राम के अन्तर्गत एथेनॉल सेक्टर को एश्योर्ड कैश-फ्लो सेक्टर बनाया गया है। इसके माध्यम से अन्नदाता किसानों, चीनी मिलों को तेजी से भुगतान सुनिश्चित हुआ है। गन्ना अब कैश क्रॉप के साथ-साथ एथेनॉल उत्पादन के लिए भी महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया गया है। वर्तमान में प्रदेश में 89 कृषि विज्ञान केन्द्र संचालित हैं। सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किये गये हैं। कृषि मण्डी तथा ग्रामीण सड़क नेटवर्क का विस्तार हुआ है। एक्सप्रेस-वे तथा लॉजिस्टिक पार्कां के माध्यम से किसानों की उपज को राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाना आसान हुआ है। कृषि वैल्यू चेन के माध्यम से स्टोरेज, प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन और अवसंरचना में बड़े पैमाने पर निवेश की स्थिति भी प्रदेश में देखने को मिल रही है। प्रदेश में हर खेत को पानी, पाइप लाइन माइक्रो-इरीगेशन की दिशा में कार्य हुए हैं। 31 बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने में सफलता मिली है। पी0एम0 कुसुम योजना के अन्तर्गत किसानों को सोलर पम्प तथा बिजली से संचालित ट्यूबवेल्स के लिए निःशुल्क बिजली दिए जाने की व्यवस्था की गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा बुद्ध के नाम पर जनपद कुशीनगर में कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना का कार्य चल रहा है। जनपद लखनऊ में किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह जी के नाम पर एक सीड पार्क की स्थापना की जा रही है। प्रदेश में डिजिटल ईको-सिस्टम और को-ऑपरेटिव के माध्यम से एग्री ईको-सिस्टम को सशक्त बनाया गया है। अब ई-के0सी0सी0 के माध्यम से ऋण स्वीकृति का समय 03 से 04 सप्ताह से घटकर मात्र 05 मिनट हो गया है। प्रदेश में अन्नदाता किसान के साथ मिलकर सरकार ए0आई0 आधारित कृषि प्रणाली पर कार्य कर रही है। केन्द्रीय बजट में घोषित ए0आई0 कृषि प्लेटफॉर्म किसानों को उसकी भाषा में सक्षम बनाकर उन्हें लाभान्वित करेगा। आज एफ0पी0ओ0 एक बेहतरीन मॉडल के रूप में कार्य कर रही है। एफ0पी0ओ0 किसान की आमदनी तथा महिलाओं की सहभागिता को सशक्त बना रहा है। वर्तमान में प्रदेश में झाँसी का बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर, आगरा का मिल्क प्रोड्यूसर आदि पाँच बड़े मिल्क प्रोड्यूसर बेहतरीन कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में एम0एस0एम0ई0 सेक्टर मृतप्राय हो गया था। इसकी स्थिति अत्यन्त दयनीय थी। प्रदेश सरकार ने ओ0डी0ओ0पी0 योजना के माध्यम से परम्परागत उत्पादों की ब्राण्डिंग की। इसे डिजाइन, पैकेजिंग, टेक्नोलॉजी तथा मार्केट से जोड़ा। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना प्रधानमंत्री जी के लोकल टू ग्लोबल मॉडल के अुनरूप है, जिसने देश में उत्तर प्रदेश को एक नई पहचान दी है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश से 84,000 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट होता था, जो आज बढ़कर लगभग 02 लाख करोड़ रुपये पहुँच गया है। प्रदेश में 77 जी0आई0 टैग युक्त प्रोडक्ट मौजूद हैं। ग्लोबल मार्केट में इनकी गुणवत्ता पर कोई प्रश्न नहीं उठा सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पी0एम0 विश्वकर्मा तथा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से परम्परागत हस्तशिल्पियों और कारीगरों को सम्मान दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन’ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया है। उत्तर प्रदेश इस योजना के रूप में एक नया ब्राण्ड दे रहा है। इसमें एक जनपद, एक व्यंजन का भाव प्रदेश में देखने को मिल रहा है। प्रदेश में स्थित 96 लाख से अधिक एम0एस0एम0ई0 यूनिट 03 करोड़ से अधिक नौजवानों के रोजगार का माध्यम बनी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में हताशा व निराशा का माहौल था। प्रदेश में असीम सम्भावनाओं के बावजूद निवेशक नहीं आते थे, क्योंकि सुरक्षा, सुविधा तथा बेहतर नीति निवेश की अनिवार्य शर्तें हैं। आज फियरलेस बिजनेस, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा फर्स्ट इन डूइंग बिजनेस में उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनी है। डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में सेफ्टी एवं स्टेबिलिटी के साथ स्पीड भी बढ़ी है। ट्रिपल ‘एस’ अर्थात सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड आज प्रदेश की नई पहचान बने हैं। उत्तर प्रदेश पॉलिसी पैरालिसिस से पॉलिसी स्टेबिलिटी तक की ऐतिहासिक विकास यात्रा का गवाह बना है। उद्योगों के लिए 34 से अधिक सेक्टोरियल पॉलिसी, निवेश मित्र तथा निवेश सारथी पोर्टल एवं उद्यमी मित्रों ने सुगम, पारदर्शी और भरोसेमन्द वातावरण तैयार किया है। वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में 14 में स्थान पर था, जो आज देश में टॉप एचीवर स्टेट है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश, देश का पहला राज्य है, जिसने व्यापक सुधार के समस्त मानकों को पूर्ण रूप से क्रियान्वित किया है। उत्तर प्रदेश का डी-रेगुलेशन रैंकिंग में देश में प्रथम स्थान है। डबल इंजन सरकार द्वारा डी-क्रिमिनलाइजेशन द्वारा 13 राज्य अधिनियमों के 99 प्रतिशत आपराधिक प्राविधानों को खत्म किया गया है। आजादी के बाद वर्ष 2017 तक प्रदेश में कुल 14,000 कारखाने स्थापित हुए। वर्ष 2017 से अब तक इनकी संख्या 31,000 पार कर गई है। ‘इण्डस्ट्री फर्स्ट, इन्वेस्टर फर्स्ट’ अप्रोच के कारण आज उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशकों के लिए सुरक्षित, स्थिर और विश्वसनीय गंतव्य के रूप में नई पहचान बना चुका है। अब एम0ओ0यू0 केवल कागजों तक सीमित नहीं है, इनकी लगातार ग्राउण्ड ब्रेकिंग हो रही है। इसके माध्यम से उत्पादन और रोजगार का सृजन हो रहा है।

विगत 09 वर्षों में प्रदेश में 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों को लाने में सफलता प्राप्त हुई है। 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में सफलता मिली है। उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री जी के मेक इन इण्डिया के विजन को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का माध्यम बन रहा है। उत्तर प्रदेश भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स एण्ड आई0टी0 का नया हब बनकर उभरा है। देश की 55 प्रतिशत मोबाइल तथा 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेण्ट मैन्युफैक्चरिंग उत्तर प्रदेश में हो रही है। यह नए भारत के नये उत्तर प्रदेश का पोटेन्शियल है। प्रदेश में डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग और स्पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में तेजी के साथ निवेश बढ़ा है। उत्तर प्रदेश आज ‘ट्रस्ट, ट्रान्सफॉर्मेशन एण्ड टाइमली डिलीवरी’ के रोल मॉडल के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 09 वर्षों में उत्तर प्रदेश में मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ तथा ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुके हैं। रायबरेली और गोरखपुर में एम्स संचालित हैं। वर्ष 2017 से पूर्व 40 से अधिक जनपदों में आई0सी0यू0 नहीं था, जबकि आज प्रत्येक जनपद में आई0सी0यू0, डिजिटल एक्स-रे, ब्लड बैंक, डायलिसिस, ऑक्सीजन प्लाण्ट तथा वेण्टिलेटर की सुविधा है। प्रदेश में 108 व 102 एम्बुलेंस सेवा के रिस्पॉन्स टाइम को बेहतर किया गया है। टेलीमेडिसिन के माध्यम से दूर-दराज के गाँवों में भी स्वास्थ्य की सेवाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। आज उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इण्टेलिजेन्स, जीनोमिक्स, टेलीमेडिसिन, मेडटेक, हेल्थटेक और क्लीनिकल रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए फ्यूचर ओरिएण्टेड, इनोवेशन बेस्ड एण्ड टेक्नोलॉजी ऑपरेटेड स्वास्थ्य ईको-सिस्टम को तेजी के साथ आगे बढ़ा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के पहले प्रत्येक वर्ष 1,200-1,500 मासूम बच्चों की इंसेफेलाइटिस से मृत्यु होती थी। डबल इंजन सरकार ने इंसेफेलाइटिस को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया। उत्तर प्रदेश ने माफिया के साथ-साथ इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों के कारक मच्छरों और इस बीमारी को भी समाप्त कर दिया है। फार्मास्युटिकल्स के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने एक नई स्थिति प्राप्त की है। आज उत्तर प्रदेश में इस सेक्टर की अपनी एक पॉलिसी है। सरकार ललितपुर में 1,472 एकड़ भूमि में एक फार्मा पार्क का निर्माण कर रही है। गौतमबुद्धनगर जनपद में 350 एकड़ भूमि में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना का कार्य युद्ध स्तर पर आगे बढ़ रहा है।
हाल ही में एक फार्मा कॉन्क्लेव लखनऊ में आयोजित किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश में हुए परिवर्तन के विषय में इस क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के अनुभव सुनने को मिले। मेरठ के एक बड़े फार्मा उद्यमी का कहना था कि आज दिन-रात किसी भी समय वह प्रदेश के किसी भी स्थान पर आ-जा सकते हैं। हर साँझ के बाद एक सवेरा होता है, आज हमारी सरकार ने उत्तर प्रदेश में वह सवेरा लाकर दिखाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश में हर सेक्टर में कार्य किए हैं। घुमन्तू जातियां तथा वनटांगिया, मुसहर, थारू, कोल, बुक्सा सहित अन्य जनजातीय समाज के लोगों को जमीन के पट्टे देने के साथ ही, आवास उपलब्ध कराने तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की कारवाई की गई है। जो लोग पी0एम0 आवास योजना में आच्छादित नहीं हो पाए, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 09 वर्षों में सुरक्षा से समृद्धि और इम्पावरमेण्ट से एक्सीलेंस तक अर्थात आत्मनिर्भर उद्यमी और नेतृत्वकारी नारी शक्ति की यात्रा को हमने देखा है। आज महिला सुरक्षा के साथ-साथ शिक्षा, कौशल, स्वरोजगार, स्वास्थ्य और नेतृत्व के स्तर पर महिलाओं की सशक्त भागीदारी प्रदेश में देखने को मिल रही है। हमने प्रदेश के 09 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी दी है। इनमें 01 लाख 75,000 से अधिक केवल बेटियाँ शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में आज बी0सी0 सखी, ड्रोन दीदी, सेल्फ हेल्प ग्रुप और लखपति दीदी का एक मजबूत ईको-सिस्टम मौजूद है। मिशन शक्ति के अब तक पाँच चरण सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए हैं। महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन की दिशा में इस अभियान के बेहतरीन परिणाम आए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले महिला श्रम बल 13 प्रतिशत था, जो वर्तमान में 36 प्रतिशत तक पहुँचा है। पहले प्रदेश में महिलाएँ सुरक्षित नहीं थीं। अब प्रदेश में नाइट शिफ्ट में भी महिलाएँ ऑफिसिसेज और उद्योगों में काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री जी ने शी-मार्ट की घोषणा केन्द्रीय बजट में की है। यह गांव की उन महिला स्वयंसेवी समूहों, जो स्थानीय स्तर पर कोई उत्पाद बनाती हैं, उनके लिए एक प्लेटफॉर्म का काम करेगा। उत्तर प्रदेश भी इस योजना से जुड़ने का इच्छुक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह जैसी योजनाएँ महिलाओं के जीवन को उज्ज्वल बना रही हैं। 01 करोड़ 06 लाख से अधिक निराश्रित महिला, वृद्धजन और दिव्यांगजन को 12,000 वार्षिक पेंशन की सुविधा दी जा रही है। इस वर्ष के बजट में इन सभी को दी जाने वाली पेंशन की धनराशि को बढ़ाने की दिशा में सरकार कार्य करेगी। आंगनबाड़ी तथा आशा वर्कर के मानदेय को भी बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शिक्षा मित्र, अनुदेशक के लिए भी सरकार कार्य कर रही है। हमारी सरकार पहली सरकार है, जिसने शिक्षा मित्रों, उच्च, माध्यमिक तथा बेसिक शिक्षा के शिक्षकों तथा अनुदेशक सहित शिक्षणेतर कार्मिकों को 05 लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध करवाने जा रही है। यह व्यवस्था 01 अप्रैल से लागू हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 60 लाख से अधिक जरूरतमन्दों को एक-एक आवास उपलब्ध करवाए गए। इसमें कोई पिक एण्ड चूज नहीं हुआ। हर जरूरतमंद को यह सुविधा मिलनी चाहिए। ‘सबका साथ, सबका विकास’ के प्रधानमंत्री जी के मंत्र को अंगीकार करते हुए हमने हर जरूरतमंद को इन सुविधाओं से जोड़ने का काम किया है। आगे भी विकास का यह मॉडल इसी रूप में आगे बढ़ेगा। ‘सबका साथ सबका विकास’ की भावना के अन्तर्गत सरकार का फोकस तुष्टीकरण नहीं, बल्कि हर वर्ग की संतुष्टि की तरफ है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में 06 करोड़ से अधिक लोगों को बहुआयामी गरीबी रेखा से ऊपर उठाने में मदद मिली है।

प्रदेश सरकार ने जीरो पॉवर्टी के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कार्य प्रारम्भ किए हैं। हर जरूरतमंद को राशन कार्ड की सुविधा दी जा रही है। आज राशन वितरण में कोई समस्या नहीं है, क्योंकि इसके लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है। वर्ष 2017 के पहले पैमाइश, लैण्ड यूज़, विरासत अथवा नामान्तरण जैसे राजस्व से सम्बन्धित 34 लाख मामले लम्बित थे। हमने राजस्व संहिता में व्यापक परिवर्तन कर इसे आसान बनाया और इसका परिणाम है कि पिछले साढ़े आठ वर्षों में राजस्व से सम्बन्धित 10 लाख नये मामले आए। पिछले 34 लाख मामलों में से, जो मामले न्यायालय में लम्बित नहीं थे, उन सभी का निस्तारण भी इस दौरान हमारी सरकार ने किया है।

उत्तर प्रदेश, देश में सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है। आज उत्तर प्रदेश ‘युवा प्रदेश’ के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश के यह युवा ऊर्जा एवं प्रतिभा से सम्पन्न हैं। जिस किसी भी सेक्टर में प्रदेश के नौजवानों को अवसर मिला, उन्होंने अपनी छाप छोड़ी है। उत्तर प्रदेश का नौजवान मजबूती के साथ देश और दुनिया में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। प्रदेश में 56 प्रतिशत से 60 प्रतिशत कामकाजी वर्कफोर्स युवाओं की है। इनको शिक्षा के साथ कौशल विकास व तकनीक के साथ जोड़ने के कार्यवाही की जा रही है। इसके लिए आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकण्डक्टर तथा डाटा साइन्स जैसे सेक्टरों में तेजी के साथ इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2020 में कोविड कालखण्ड में देश को एक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति दी। यह नीति परम्परागत अध्ययन के साथ-साथ स्किल डेवलपमेण्ट पर कार्य रही है। प्रदेश सरकार ने इसी को ध्यान में रखकर अपने कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डाटा आज की सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है। स्टेट डाटा अथॉरिटी के गठन की कार्यवाही को आगे बढ़ाने के लिए बजट में प्राविधान किया गया है। ए0आई0 वर्तमान का इमर्जिंग सेक्टर है। प्रधानमंत्री द्वारा आज नई दिल्ली में 05 दिवसीय ए0आई0 इम्पैक्ट समिट का उद्घाटन किया गया है, जिसमें दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष सहभाग कर रहे हैं। इस सेक्टर में कार्य करने की सबसे पहली आवश्यकता डाटा सेण्टर क्लस्टर की है। डाटा सेण्टर क्लस्टर के लिए भी इस वर्ष के बजट में व्यवस्था की गई है। साथ ही, इससे जुड़े हुए सेक्टर जैसे वोकेशनल एजुकेशन, टेक्निकल एजुकेशन एवं माध्यमिक शिक्षा में ए0आई0 के उपयोग के लिए भी बजट में प्राविधान किया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा टाटा टेक्नोलॉजीज व सैमसंग के साथ मिलकर भी इस दिशा में कार्य प्रारम्भ किया गया है।
हर वर्ष प्रदेश के एक लाख युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत कार्य किए जा रहे हैं। इसमें मार्जिन मनी के साथ-साथ युवाओं को गारण्टी मुक्त और ब्याज मुक्त लोन देने की व्यवस्था की गई है। एम0एस0एम0ई0 और ओ0डी0ओ0पी0 जैसे कार्यक्रम भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। उत्तर प्रदेश का नौजवान डिजिटली रूप से सक्षम बन सके, इसके लिए स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत टैबलेट वितरण की कार्यवाही की जा रही है।

टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी एण्ड डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उत्तर प्रदेश ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। उत्तर प्रदेश आज विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है, जिसमें ऑटोमेशन, डाटा आधारित निर्णय, ए0आई0, रोबोटिक्स, एडवांस्ड कम्प्यूटिंग, सेमीकण्डक्टर, ड्रोन, साइबर और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग की पहली यूनिट लखनऊ में स्थापित की गई है। इस प्रकार के अनेक प्रस्ताव अब प्रदेश में आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की इलेक्ट्रिक व्हीकल के बाजार में मजबूत उपस्थिति दर्ज हुई है। देश में खरीदे जा रहे इलेक्ट्रिक व्हीकल का 19 प्रतिशत से अधिक हिस्सा प्रदेश में खरीदा जा रहा है। तिपहिया वाहनों में यह हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक है। फेम-1 तथा फेम-2 योजना का प्रमुख लाभार्थी उत्तर प्रदेश है। एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर्स पर चार्जिंग स्टेशन की स्थापना तथा 700 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रदेश में किया जा रहा है।

स्टार्ट-अप इण्डिया, स्टैण्ड-अप इण्डिया के माध्यम से आज उत्तर प्रदेश के युवा अपनी नई पहचान बना रहे हैं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 20,000 से अधिक स्टार्ट-अप्स, 76 इनक्यूबेटर तथा 07 सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस एवं 08 यूनिकॉर्न हैं। यह प्रदेश के युवाओं के इनोवेशन की ताकत दर्शाता है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की बेरोजगारी दर 19 प्रतिशत से घटकर वर्तमान में 2.24 प्रतिशत तक हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास किया गया है। हर गाँव में खेल का मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम तथा जनपद स्तर पर स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। मेजर ध्यानचन्द जी के नाम पर जनपद मेरठ में प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण किया जा रहा है। मण्डल मुख्यालय पर एक स्पोर्ट्स कॉलेज बनाया जाएगा, इन्हें किसी एक विशेष खेल के लिए सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। यह प्रदेश के युवाओं को खेल के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाने के लिए महत्वपूर्ण होंगे। ओलम्पिक, कॉमनवेल्थ तथा एशियाड खेलों में पदक प्राप्त करने वाले प्रदेश के 500 से अधिक खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी उपलब्ध करायी जा चुकी है। वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स तथा वर्ष 2036 में ओलम्पिक खेलों की मेजबानी के लिए हमने सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने की कार्यवाही आगे बढ़ायी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के एजेण्डे में विकास नहीं था, बल्कि परिवारवाद, तुष्टिकरण तथा दंगाइयों को पोषित करने का था। जे0पी0एन0आई0सी0 का डी0पी0आर0 200 करोड़ रुपये था, यह 800 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी अधूरा है। गोमती रिवर फ्रण्ट का डी0पी0आर0 300 करोड़ रुपये का था, जिस पर 1,400 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी कार्य अधूरे थे। बिना भूमि अर्जित किए ही पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के टेण्डर एवॉर्ड कर दिए गए थे। पहले यह टेण्डर 15,200 करोड़ रुपये का था। यह एक्सप्रेस-वे 110 मीटर चौड़ा 350 किलोमीटर लम्बाई में बनना था। हमारी सरकार बनने पर इसके कार्यों की समीक्षा की गई, तो पता चला कि भूमि का अर्जन ही नहीं हुआ है। हमने इसके टेण्डर निरस्त कर दिए। हमने एक्सप्रेस-वे को 120 मीटर करने का प्रस्ताव रखा, क्योंकि दिल्ली से वाराणसी तक चलने वाली बुलेट ट्रेन चलाने के लिए भूमि की व्यवस्था भी इसके साथ की गई है। बाद में जब एक साथ टेक्निकल और फाइनेन्शियल बिड मँगाते हुए टेण्डर किए गए, तब वह 11,800 करोड़ रुपये के थे।

इमरजेंसी के समय प्रदेश में दूसरी आजादी के आन्दोलन का शंखनाद करने वाले जय प्रकाश नारायण जी उत्तर प्रदेश की धरा पर जन्मे थे। जय प्रकाश नारायण जी की अन्तिम इच्छा का सम्मान करते हुए हमारी सरकार ने उनकी जन्मभूमि पर हॉस्पिटल निर्माण तथा कनेक्टिविटी के कार्य किए हैं। पिछली सरकारों ने जय प्रकाश नारायण जी और डॉ0 राम मनोहर लोहिया के सपनों पर कुठाराघात किया। आज इनका समाजवाद सम्पत्ति और सन्तति का प्रतीक बन गया है। इन्होंने अपने कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में अव्यवस्था और अराजकता फैलायी। युवाओं के सामने पहचान तथा बहन और बेटियों के सामने सुरक्षा का संकट खड़ा किया। अन्नदाता किसानों को आत्महत्या करने तथा व्यापारियों को प्रदेश छोड़ने के लिए मजबूर किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जल, थल और नभ की बेहतरीन कनेक्टिविटी है। उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे का संजाल है। देश के एक्सप्रेस-वे का 55 फीसदी हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क उत्तर प्रदेश में है। 22 फरवरी, 2026 को देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली से मेरठ का उद्घाटन प्रधानमंत्री जी करने का जा रहे हैं।

वर्ष 2017 के पूर्व मेरठ से दिल्ली की दूरी 05 से 06 घण्टे में तय होती थी तथा सफर भी सुरक्षित नहीं था। आज उत्तर प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण है। अब दिल्ली और मेरठ के बीच 12-लेन का हाइवे बन जाने से यह दूरी 45 मिनट में तय की जा सकती है। उत्तर प्रदेश में 07 एक्सप्रेस-वे क्रियाशील हैं, 05 निर्माणाधीन हैं तथा 10 पर कार्य चल रहा है। देश में सर्वाधिक 06 शहरों में मेट्रो रेल संचालित हैं। प्रधानमंत्री जी द्वारा 22 फरवरी, 2026 को मेरठ में मेट्रो रेल का उद्घाटन होने के बाद यह संख्या 07 हो जाएगी। ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन उत्तर प्रदेश में है। वाराणसी से हल्दिया के बीच इनलैण्ड वॉटर-वे संचालित हो रहा है। उत्तर प्रदेश लॉजिस्टिक का बेहतरीन केन्द्र बनने जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेहतरीन एयर कनेक्टिविटी है। पहले प्रदेश में 02 एयरपोर्ट क्रियाशील थे। आज प्रदेश में 16 घरेलू तथा 04 इण्टरनेशनल एयरपोर्ट पूरी तरह फंक्शनल हैं। उत्तर प्रदेश का 5वाँ इण्टरनेशनल एयरपोर्ट जेवर में बनकर तैयार हो गया है। हमारा प्रयास है कि इसी माह प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से इसका लोकार्पण किया जाए। देश का पहला एम0आर0ओ0 प्रदेश में तैयार होने जा रहा है। इसमें एयरक्राफ्ट मेनटेनेन्स तथा रिपेयर की सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा की स्थिति बेहतर हुई है। ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर किया गया। निराश्रित बच्चों तथा उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत बच्चों के लिए विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना की गई है। हर जनपद में 02-02 मुख्यमंत्री कम्पोजिट विद्यालय बनाए जा रहे हैं। हम इस श्रृंखला को न्याय पंचायत स्तर पर ले जाना चाहते हैं, जिससे इण्टीग्रेटेड कैम्पस में ही प्री-प्राइमरी से कक्षा-12 तक की गुणवत्तायुक्त शिक्षा दी जा सके। आज उत्तर प्रदेश में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत एडेड तथा सरकारी माध्यमिक विद्यालयों के उन्नयन के लिए भी कार्य प्रारम्भ हुए हैं। टाटा टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर 150 आई0टी0आई0 को ए0आई0, ड्रोन तथा रोबोटिक्स जैसी इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के अध्ययन की दिशा में मजबूती प्रदान की जा रही है। प्रदेश में वर्तमान में लगभग 75 राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालय क्रियाशील हैं। यह उच्च शिक्षा का बेहतरीन केन्द्र बनकर उभरे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने, आस्था को अपमानित करने तथा जातीय संघर्ष को बढ़ावा देकर समाज को आपस में लड़ाने का कार्य कर रहे हैं। ऐसे लोग हमारे संवैधानिक मूल्यों पर प्रहार करने से भी नहीं चूकते हैं। वर्तमान में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशन में प्रदेश में एस0आई0आर0 की कार्यवाही चल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने एब्सेन्ट, शिफ्टिंग और डेथ के आंकड़े जारी किए हैं। अब तक 02 करोड़ 88 लाख से अधिक लोग या तो एब्सेन्ट हैं, या शिफ्ट हैं अथवा जिनकी मृत्यु हो चुकी है। नये नाम दर्ज करने के लिए फॉर्म-6, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 तथा किसी संशोधन के लिए फॉर्म-8 भरे जाते हैं। फॉर्म-7 का वेरीफिकेशन भारत निर्वाचन आयोग करा रहा है। हमारा कर्तव्य है कि भारतीय संविधान तथा संवैधानिक संस्थाओं के प्रति आदर का भाव रखें। ऐसा कोई भी आचरण नहीं किया चाहिए, जो समाज में विद्वेष का कारण बने।

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